बिहार में बाढ़ नियंत्रण को लेकर दिल्ली में बड़ी बैठक, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल से मिले सांसद राजीव प्रताप रूडी और संजय झा, गंडक नहर परियोजनाओं को गति देने पर जोर

Lok Bimb
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पटना । बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका से स्थायी निजात दिलाने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में एक बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक हुई। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल के साथ सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा ने विस्तृत चर्चा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, जलशक्ति मंत्रालय की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा, बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह तथा केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अध्यक्ष श्री अनुपम प्रसाद भी मौजूद रहे। बैठक में बिहार, विशेषकर सारण में बाढ़ के कारणों, भविष्य की चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रभावी बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था विकसित करने पर गहन मंथन हुआ।
बैठक के दौरान सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सबसे मजबूती से ईस्टर्न और वेस्टर्न गंडक नहर परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वर्षों से लंबित पड़ी इन महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए। रूडी ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही पर्यावरण संबंधी बाधाओं का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण और गंडक नहर परियोजनाओं को गति देना समय की मांग है। सिर्फ तटबंधों से बाढ़ नहीं रुकेगी, बल्कि वैज्ञानिक जल प्रबंधन और नहरों के जरिए पानी के सही बंटवारे से ही किसानों और आम लोगों को बचाया जा सकता है। सांसद रूडी ने कहा कि इन परियोजनाओं को सिर्फ बिहार सरकार या सिर्फ केंद्र सरकार अकेले पूरा नहीं कर सकती। इसके लिए भारत सरकार और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास और प्रभावी समन्वय की जरूरत है। संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर लंबित बाधाओं को दूर किया जाए, ताकि योजनाएं जमीन पर उतर सकें। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि बड़ी जल परियोजनाओं में बिहार को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि बिहार में बाढ़ से हर साल हजारों करोड़ का नुकसान होता है, लाखों लोग विस्थापित होते हैं और किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। रूडी ने कहा कि गंडक नहर और सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से दोहरा लाभ होगा। एक तरफ बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकेगा, तो दूसरी तरफ सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे सारण समेत पूरे उत्तर बिहार के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, उनकी खेती सुरक्षित होगी और जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद बिहार की बाढ़ नियंत्रण योजनाओं में तेजी आएगी।

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