इन्द्रजीत
जामताड़ा। पश्चिम बंगाल के अंडाल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में प्रख्यात बांग्ला कीर्तन गायक ब्रज किशोर सिंह और उनके सहयोगी हनुमान पंडित की मौत से जामताड़ा जिले में शोक की लहर है। ब्रज किशोर सिंह बिंदापाथर थाना क्षेत्र के फुंटाबांध गांव के निवासी थे, जबकि हनुमान पंडित लाइबनी गांव के रहने वाले थे। दोनों के असामयिक निधन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। समाजसेवी नदियानंद सिंह ने भी इस घटना पर अपनी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत कलाकार और उनके सहयोगी को श्रद्धांजलि दी।
कलाकार का यूं चले जाना बेहद दुखद : नदियानंद सिंह
समाजसेवी नदियानंद सिंह ने कहा कि ब्रज किशोर सिंह के निधन की खबर से वे बेहद मर्माहत हैं। बांग्ला कीर्तन गायन के माध्यम से लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने वाले कलाकार का इस तरह असमय चले जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि संगीत और भक्ति के क्षेत्र में अपनी कला से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले कलाकार की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। इस हादसे में उनके सहयोगी हनुमान पंडित की मौत भी अत्यंत दुखद है।नदियानंद सिंह ने ब्रज किशोर सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर उनका चले जाना परिवार के लिए ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिवार के दुख की कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

संदेशखाली से लौटने के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, ब्रज किशोर सिंह पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में कीर्तन कार्यक्रम संपन्न करने के बाद कार से लौट रहे थे। इसी दौरान अंडाल के पास उनकी कार की एक बस से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ब्रज किशोर सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके साथ कार में मौजूद हनुमान पंडित ने भी दम तोड़ दिया।ब्रज किशोर सिंह बांग्ला कीर्तन गायन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। उनके निधन से संगीत और भक्ति जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। वहीं, हनुमान पंडित की मौत से लाइबनी गांव में भी शोक का माहौल है। दोनों के निधन से फुंटाबांध, लाइबनी और आसपास के क्षेत्रों में लोग दुखी हैं। क्षेत्रवासियों ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।


