Jharkhand News: जमशेदपुर के बेलाजुड़ी में एक शादी समारोह के दौरान रसगुल्ला खाने से एक आदमी की मौत हो गई। मिठाई गले में फंसने के कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जमशेदपुर: शादी समारोह में रसगुल्ला खाने से एक आदमी की मौत हो गई। झारखंड के जमशेदपुर की घटना है। शादी समारोह में छोटी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हुई। एमजीएम थाना क्षेत्र के मलियंता गांव में शुक्रवार देर रात करीब एक बजे, शादी के जश्न के बीच ललित सिंह की जिंदगी का सफर अचानक थम गया। दूसरे लोगों की तरह ललित सिंह भी शादी समारोह में भोजन का लुत्फ ले रहे थे, तभी एक रसगुल्ला उनके गले में अटक गया। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी। सांस लेने में तकलीफ से वो परेशान हो गए। आखिरकार, दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।
शादी समारोह में मौत से अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, बेलाजुड़ी पंचायत के मलियंता गांव में आयोजित एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ललित सिंह पहुंचे थे। रात करीब एक बजे जब वे खाना खा रहे थे, तभी उन्होंने रसगुल्ला उठाया। मिठाई खाते ही वो उनके गले में फंस गई। ललित को तुरंत सांस लेने में भारी दिक्कत होने लगी। वहां मौजूद लोगों ने उनके गले से रसगुल्ला निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें
हालत गंभीर होते देख परिजन और परिचितों ने उन्हें आनन-फानन में एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (मृत घोषित) कर दिया। बाद में उनके परिजनों को बॉडी सौंप दी गई। एक पल में हंसते-खेलते घर की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। नालंदा: रसगुल्ले ने बिगाड़ी बात, दूल्हे की हरकत से टूटा रिश्ता
आखिर क्या है मौत की असली वजह?
एमजीएम अस्पताल के डॉ रोहित झा ने बताया, ‘हमारे गले में ‘एपिग्लॉटिस’ (Epiglottis) नाम की एक ग्रंथि होती है। इसका मुख्य कार्य भोजन को सांस की नली में जाने से रोकना है। जब हम खाना निगलते हैं, तो ये ग्रंथि सांस की नली को ढंक लेती है। लेकिन विशेष परिस्थितियों में ये तंत्र विफल हो जाता है। जैसे, बातचीत करने या फिर हंसने के दौरान। ‘मैं 25 साल से कुकर में बना रही रसगुल्ला’
खाते समय कम से कम बोलने की सलाह
डॉक्टरों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति नशे की हालत में है, या खाना खाते समय तेजी से बोल रहा है या हंस रहा है, तो एपिग्लॉटिस ग्रंथि सही समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाती। ऐसी स्थिति में भोजन का अंश सीधे सांस की नली (Windpipe) में अटक जाता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है और व्यक्ति की तत्काल मौत हो सकती है। भोजन करते समय शांत रहें, चुपचाप भोजन करें और नशे की स्थिति में भारी भोजन से बचें।


