मोहम्मद जमशेद
समस्तीपुर: बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत समस्तीपुर पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने तकनीकी और आसूचना संकलन के आधार पर आम नागरिकों के चोरी, झपटमारी और गुम हुए करीब 22 लाख रुपये मूल्य के कुल 89 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं।पुलिस अधीक्षक (SP), समस्तीपुर के कुशल निर्देशन में चलाई गई इस त्वरित कार्रवाई से जहां एक ओर पीड़ितों के चेहरे खिल उठे, वहीं पुलिसिंग के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।साइबर सेल और DIU की संयुक्त कार्रवाईसमस्तीपुर जिला अंतर्गत इस अभियान का सफल संचालन दुर्गेश दीपक (पुलिस उपाधीक्षक, साइबर) एवं धनंजय कुमार (DIU-सह-जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी, ऑपरेशन मुस्कान) के नेतृत्व में किया गया। चोरी और गुमशुदगी के मामलों पर त्वरित एक्शन के लिए जिले के युवा और कुशल पुलिस कर्मियों को मिलाकर अनुमंडलवार 06 मोबाइल रिकवरी टीमों का गठन किया गया था।अनुमंडलवार रिकवरी का विवरण:रिकवरी टीमों ने जिला भर से कुल 89 मोबाइल बरामद किए, जिनका विवरण इस प्रकार है:दलसिंहसराय रिकवरी टीम: 27 मोबाइल (सर्वाधिक रिकवरी)सदर-1 रिकवरी टीम: 19 मोबाइलसदर-2 रिकवरी टीम: 18 मोबाइलपटोरी रिकवरी टीम: 12 मोबाइलरोसड़ा रिकवरी टीम: 11 मोबाइलसाइबर थाना रिकवरी टीम: 02 मोबाइलमहिला पुलिस अधिकारियों ने मारी बाजी, मिलेगा पुरस्कारइस अभियान के दौरान दो महिला पुलिस अधिकारियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। दलसिंहसराय थाना की मोबाइल रिकवरी प्रभारी रिचा सिंह के नेतृत्व में सबसे अधिक 15 मोबाइल बरामद किए गए। वहीं, विद्यापति नगर थाना की मोबाइल रिकवरी प्रभारी अमृता राज के नेतृत्व में 10 मोबाइलों की सफल रिकवरी हुई।पुलिस अधीक्षक ने इन दोनों महिला अधिकारियों के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है और उनके मनोबल को ऊंचा बनाए रखने के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इसके साथ ही तकनीकी शाखा के अन्य सदस्यों को भी इस बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।अब तक 4.46 करोड़ के मोबाइल बरामदसमस्तीपुर पुलिस “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत अब तक की अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दर्ज कर चुकी है। जिले में इस अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 1,909 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 04 करोड़ 46 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइलों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके मूल स्वामियों को सुपुर्द किया जा चुका है।


