धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य बढ़ाने की मांग पर अड़े पैक्स अध्यक्ष

Lok Bimb
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15 नवंबर तक समाधान नहीं तो खरीद का बहिष्कार

भुगतान में देरी, कमीशन में वृद्धि व बोरे की दर 75 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग

गोपाल विद्यार्थी

पालीगंज :
धान अधिप्राप्ति वर्ष 2026-27 में पैक्स अध्यक्षों को आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को धरहरा गांव स्थित पम्पम मैरेज हॉल में प्रखंड स्तरीय बैठक हुई.बैठक की अध्यक्षता व्यापार मंडल अध्यक्ष सह रामपुर नगवां पैक्स अध्यक्ष विजय सिंह ने की, जबकि संचालन मेरा पतौना पैक्स अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने किया। बैठक में पैक्स अध्यक्षों ने सरकार से समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि 15 नवंबर से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रखंड के सभी पैक्स अध्यक्ष धान अधिप्राप्ति का कार्य शुरू नहीं करेंगे. बैठक में पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि पालीगंज प्रखंड क्षेत्र सोन नहर से सिंचित होने के कारण इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार हुई है। इसके बावजूद सरकार की ओर से निर्धारित धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य कुल उत्पादन की तुलना में काफी कम है। लक्ष्य जल्द पूरा हो जाने से किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर बिचौलियों और खुले बाजार में बेचनी पड़ती है. इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती है और उन्हें पैक्स अध्यक्षों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है.पैक्स अध्यक्षों ने धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य बढ़ाकर कुल उत्पादन का कम से कम 50 प्रतिशत करने की मांग की.

भुगतान में देरी से पैक्स पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) की ओर से सीएमआर की आपूर्ति के बाद भुगतान में लगभग छह महीने की देरी होती है, जबकि पैक्स को किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करना पड़ता है. इस कारण कई पैक्स डिफॉल्टर होने की स्थिति में पहुंच गई हैं या अतिरिक्त ब्याज के बोझ से आर्थिक नुकसान उठा रही हैं.पैक्स को मिलने वाली कमीशन, मिलिंग शुल्क, पोलदारी और परिवहन मद की राशि ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जा रही है.उन्होंने आगामी धान अधिप्राप्ति शुरू होने से पहले बकाया राशि की प्रतिपूर्ति करने की मांग की. कमीशन बढ़ाने और बोरे की दर 75 रुपये करने की मांग
बैठक में कहा गया कि धान अधिप्राप्ति के तहत मिलने वाले कमीशन, मिलिंग शुल्क, मंडी श्रम शुल्क और हैंडलिंग शुल्क की दरों में वर्ष 2012-13 के बाद से वृद्धि नहीं हुई है, जबकि इस अवधि में महंगाई काफी बढ़ गई है. पैक्स अध्यक्षों ने अधिप्राप्ति शुरू होने से पहले इन दरों का पुनरीक्षण करने की मांग की। साथ ही किसानों को धान रखने के लिए दिए जाने वाले गन्नी बैग की दर 25 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप 75 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठाई.
पैक्स अध्यक्षों ने स्पष्ट कहा कि धान अधिप्राप्ति व्यवस्था किसानों के हित से जुड़ी है.यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सरकारी स्तर पर धान खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. बैठक में पटना जिला पैक्स अध्यक्ष संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार, पैक्स अध्यक्ष उमेश सिंह, मेनका देवी, रिंकू सिंह, नारायण शर्मा, पम्पम वर्मा, विनोद कुमार, ओम शर्मा, जितेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, अरविंद कुमार, श्यामदेव सिंह, रामप्रवेश सिंह, संजय शर्मा, सुमेर सिंह, गुड्डू कुमार, अंजनी शर्मा, बबलू पांडेय, अरिंजय सिंह और उत्पल कांत सहित अन्य पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे.

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