उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक पर कार्रवाई

Lok Bimb
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तमाड़ : बिहार का मास्टरमाइंड अतुल समेत 164 गिरफ्तार, 8 वाहन जब्त

आशीष कुमार प्रमाणिक

राँची : झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थी परीक्षा के दिन ही अरेस्ट हो गए। अरेस्ट के बाद परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। 11 अप्रैल की रात अर्धनिर्माण भवन में डेरा डालकर प्रश्न पत्र रटने का काम कर रहे थे। 12 अप्रैल को परीक्षा में बैठना था लेकिन सभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। रांची पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अर्द्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक जेएसएससी अभ्यर्थी संदिग्ध स्थिति में जमा हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर देर रात छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। अपने सामान छिपाने का प्रयास करने लगे। टीम ने सूझबूझ से सभी को नियंत्रित कर दो कमरों में रखा और तलाशी ली। वहां से प्रिंटर, तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, फटे एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन और बैंक चेक बरामद किए गए। कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 159 अभ्यर्थी (7 महिलाएं) शामिल हैं। जांच में इस संगठित साजिश का कनेक्शन बिहार से जुड़ा पाया गया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय सोल्वर/पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगना अतुल वत्स को गिरफ्तार किया है। वह बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। उसके साथ गिरोह के अन्य चार सदस्यों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने और अभ्यर्थियों को पास कराने का काम करता रहा है। गिरफ्तार सरगना अतुल वत्स का आपराधिक इतिहास भी चौंकाने वाला है। उस पर राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा-2017, नीट परीक्षा पेपर लीक-2024, बिहार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा-2024, उत्तर प्रदेश रिव्यू ऑफिसर/असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर प्रारंभिक परीक्षा-2024 और उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा-2024 में पेपर लीक कराने के आरोप हैं। उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

10-15 लाख में पास कराने का सौदा
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपए लेकर परीक्षा पास कराने का सौदा करते थे। अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्न और उत्तर रटाए जा रहे थे। पुलिस से बचने के लिए उनसे मोबाइल और एडमिट कार्ड भी ले लिए गए थे।वहीं कुछ ने गिरोह के नाम बैंक चेक भी सौंपे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेएसएससी के साथ समन्वय स्थापित कर तमाड़ थाना कांड संख्या-21/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से आठ वाहनों को भी जब्त किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

आयोग का दावा पेपर लीक नहीं हुआ
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रांची में संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट कहा कि तमाड़ से बरामद प्रश्नपत्र मूल परीक्षा के प्रश्नों से बिल्कुल अलग थे। रांची एसएसपी की सूचना पर कराई गई जांच में यह सामने आया कि एक शातिर सॉल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों को ठगने के लिए फर्जी पेपर लीक का दावा किया। गैंग ने निर्दोष अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूली। सभी गिरफ्तार अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें आयोग की परीक्षा से डिबार कर दिया जाएगा।

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