टंडवा उड़सू के बैगनतरी नदी में पोकलेन लगाकर अवैध बालू खनन का आरोप, वाहन जब्त

Lok Bimb
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टंडवा सिंघम सीओ ने जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा, जांच कराए जाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

अवैध बालू तस्करी में ट्रैक्टर जप्त होती तो कानों कान पता नहीं चलता, मामला दर्ज होकर ड्राइवर को जेल भेजा जाता पर बड़ा मछली को हाथ कैसे कोई लगा सकता, कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल

शैलेश सिंह

चतरा: टंडवा थाना क्षेत्र के उड़सू स्थित बैगनतरी नदी में पोकलेन मशीन लगाकर कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन और कोल वाहनों के माध्यम से परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। इस गतिविधि का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर इस्तेमाल की जा रही पोकलेन मशीन सहित एक बोलेरो को जब्त कर लिया। वहीं, मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और अवैध बालू खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

कोल परियोजना में कार्यरत सुशी कंपनी पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना में कार्यरत एमडीओ कंपनी सुशी इंफ्रा के माध्यम से भारी मशीनों का इस्तेमाल कर बालू का अवैध उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा था। आरोप है कि नदी से निकाली जा रही बालू को कोल वाहनों के जरिए हजारीबाग जिले की ओर ले जाया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

जब्त वाहनों को लेकर थाना क्षेत्र पर असमंजस, टंडवा थाना अपना क्षेत्र से बाहर कहा तो केरेडारी थाना भी अपना क्षेत्र से बाहर बताया

वाहनों की जब्ती के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि जब्त वाहनों का जीपीएस लोकेशन चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत उड़सू का है। इसके बावजूद जब्त वाहनों को लेकर टंडवा और केरेडारी थाना क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र पर असमंजस की स्थिति सामने आई है। वही केरेडारी थाना क्षेत्र भी अपना क्षेत्र से बाहर बताया है। कहा हैं कि पूर्व में कई घटना सड़क विवाद में टंडवा थाना पहुंचती थी और मामले में कार्रवाई करती हैं। स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब घटना टंडवा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, तो मामले की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब्त वाहनों को हजारीबाग जिले के कथित सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने के लिए कुछ बिचौलिये सक्रिय हैं, ताकि मामले को कमजोर कर कार्रवाई से बचा जा सके। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी विवाद के दौरान गंभीरता से हस्तक्षेप की चर्चा

स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में भी इसी स्थान के आसपास सड़क को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी, तब टंडवा थाना प्रभारी द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया था। ऐसे में इस बार भी स्थानीय लोग प्रशासन से स्पष्ट जवाबदेही और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

टंडवा सिंघम सीओ ने जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा

मामले को लेकर टंडवा के सिंघम अंचल अधिकारी गौरव कुमार द्वारा जांच कराए जाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही हैं। अवैध बालू खनन एवं परिवहन में प्रयुक्त मशीनों और वाहनों की भूमिका की जांच के बाद नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इधर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी विपिन कुमार ने पूछे जाने पर बताया कि जब्त वाहनों को हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना प्रशासन को सुपुर्द किया जाएगा। वही केरेडारी के पगार ओपी प्रभारी दिनेश मंडल से पूछे जाने पर बताया गया टंडवा क्षेत्र पड़ता है टंडवा पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए, पूर्व में भी युक्त स्थान में टंडवा पुलिस ही मामले में पहुंचकर  कर कार्रवाई कर चुकी है।

निष्पक्ष जांच की उठी मांग

पूरे मामले ने अवैध बालू खनन, परिवहन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि अवैध उत्खनन में प्रयुक्त मशीनों, वाहनों के संचालकों, परिवहन से जुड़े लोगों और कथित संरक्षण देने वालों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। साथ ही, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लग सके।

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