महिला कॉलेज में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर संगोष्ठी

Lok Bimb
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दीपक कुमार

बिहार शरीफ ।  नालंदा महिला कॉलेज, बिहार शरीफ, नालंदा के प्रांगण में उर्दू विभाग  के तत्वावधान में उर्दू और  हिन्दी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती  के अवसर पर एक गरिमामय साहित्यिक कार्यक्रम सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ   प्राचार्य, प्रोफेसर (डॉक्टर) जितेंद्र रजक और सभी शिक्षकों द्वारा  सामूहिक रूप से शमा  रौशन  कर के  किया गया। उर्दू  की विभागाध्यक्ष डॉक्टर आसिया ने प्रेमचंद  की जीवनी और  साहित्यिक रचनाओं पर  विस्तार से प्रकाश डाला।
प्राचार्य, प्रोफेसर (डॉक्टर) जितेंद्र रजक ने छात्राओं को संबोधित कर कहा कि प्रेमचंद उर्दू और  हिन्दी भाषा के महान कथाकार हैं।जिन्होंने अपनी रचनाओं में समाज की  सच्ची तस्वीर  पेश की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करते रहना चाहिए। वहीं नागमणि कुमार ने उनकी रचना “नमक का दारोगा “के संबंध में अपनी वार्ता प्रस्तुत की, जो धन के ऊपर धर्म की जीत है और ईमानदारी की एक नैतिक कहानी है। डॉ राकेश कुमार रंजन ने प्रेमचंद के नावेल गोदान, निर्मला और ग़बन की पटकथा और उनके सामाजिक संबंध और प्रभाव पर प्रकाश डाला। डाॅ आसिया प्रवीण ने “प्रेमचंद के अफसाना के मासूम किरदार” पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। छात्राओं में सालेहा खातून ने “प्रेमचंद की अफसाना निगारी”, शमा फ़ातिमा ने” नावेल निर्मला का जायजा”, अतिया प्रवीण ने प्रेमचंद के अफसाना “शिकवा शिकायत का जायजा” और साबरीन परवीन ने” प्रेमचंद के अफसाना निगारी” तथा रिशु कुमारी ने “प्रेमचंद की जीवनी” को निहायत खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर रेणु कुमारी ने दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों में डॉ. राम धनी पाल, डॉ.परवेज अंजुम, डॉ.इकरामुद्दीन, डॉ. तन्वी नंदन, डॉ. शबनम अंसारी, डॉ.अंशु सिंह, डॉ.धर्मेंद्र , डॉ. पूनम यादव, डॉ. निशात अमीक, डॉ. सिंधु, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ.बबली कुमारी तथा श्री राणा प्रताप सिंह उपस्थित रहें तथा अत्यधिक संख्य में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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