ग्लोबल पीस समिट में 58 युद्धों को समाप्त करने और मानवता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील

Lok Bimb
3 Min Read

नई दिल्ली : अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन और ग्लोबल पीस के अध्यक्ष डॉ. के. ए. पॉल के साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक, कूटनीतिक, धार्मिक, कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र के नेताओं ने वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित ग्लोबल पीस समिट में हिस्सा लिया। लगातार जारी अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बीच आयोजित इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करना और युद्धों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास करना था।
समिट में अमेरिका के स्पीकर माइक जॉनसन और डॉ. के. ए. पॉल के अलावा अमेरिका, ईरान, भारत, पाकिस्तान, इजरायल, फिलिस्तीन, लेबनान, रूस, यूक्रेन, कांगो और अफगानिस्तान सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि और नेता शामिल हुए।
करीब 100 प्रमुख नेताओं ने युद्ध और सशस्त्र संघर्षों के गंभीर मानवीय और आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए कूटनीति, संवाद और आपसी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सम्मेलन में ईसाई, मुस्लिम, यहूदी और हिंदू समुदायों सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कारोबारी, राजनीतिक, कूटनीतिक और नागरिक समाज के नेताओं ने भी भाग लिया। मुख्य वक्ताओं माइक जॉनसन और डॉ. के. ए. पॉल ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर आम परिवारों पर पड़ता है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, महंगा होता भोजन, विस्थापन और मानवीय संकट दुनिया भर के लोगों को प्रभावित करते हैं। प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। समिट में शामिल राजदूतों और प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के लिए संवाद जारी रखने और मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। डॉ. के. ए. पॉल ने कहा कि  “हमारी साझा जिम्मेदारी है कि हम देशों, धर्मों और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक साथ काम करें, मानव जीवन की रक्षा करें और शांति का भविष्य बनाएं।” स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष और अन्य युद्धों को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
ग्लोबल पीस इनिशिएटिव दुनिया के विभिन्न देशों, धार्मिक समुदायों और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाता है। इसका उद्देश्य संवाद, मेल-मिलाप, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देना है।

Share This Article
Leave a Comment