ईचागढ़ : प्रखंड क्षेत्र के नवाडीह गांव में शुक्रवार को श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से महाषष्ठी के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही क्षेत्र में शारदीय नवरात्र का उत्साह चरम पर पहुंच गया और मां दुर्गा मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे
करकरी नदी के पावन तट से शुरू हुई इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने माथे पर कलश धारण किया। श्रद्धालुओं ने लगभग चार किलोमीटर तक की दूरी पैदल तय की। मार्ग में गूंजते खोल-कीर्तन, पारंपरिक गाजे-बाजे और ‘मां दुर्गा के जयकारों’ से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा। नदी से जल भरकर श्रद्धालुओं का जत्था नवाडीह स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलशों की स्थापना की गई।
पांचवीं बार हो रहा है आयोजन
नवाडीह में समिति की ओर से इस वर्ष पांचवें साल दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई यह कलश यात्रा इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।
मंदिर के पुजारी ने दी जानकारी
मंदिर के पुजारी खगेन्द्र नाथ पांडे ने बताया कि महाषष्ठी के दिन कलश यात्रा के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की शुरुआत कर दी गई है। इसके बाद बिल्ववरण (कल्पोक्त आरंभ) की रस्म पूरी की गई। अब सप्तमी, अष्टमी और नवमी तक पूरे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, दशमी के दिन हवन और मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ कलशों का विसर्जन किया जाएगा।
पुजारी ने बताया कि पूरे गांव और आसपास के प्रबुद्ध जनों तथा समिति के सदस्यों के सक्रिय सहयोग से हर साल यहां भव्य आयोजन होता है। इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ही इस आयोजन की विशेष पहचान है।
इस आयोजन को सफल बनाने में बड़गांव आश्रम के सीता राम बाबा, समिति के पूर्व मुखिया जीतेन माझी, गणेश माझी, अयोध्या माझी, दीपक, राखाल, रामदास, सुधीर, प्रभाष, बिरवल, हर्षित, गुणाधर, गणेश गोराई, रंजीत आचार्य और राजू दास सहित सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।


