इन्द्रजीत, जामताड़ा
जामताड़ा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं झारखंड आंदोलन के संघर्षपूर्ण दौर की साक्षी रहीं रुपी सोरेन के निधन से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) परिवार में शोक की लहर है। गुरुवार को झामुमो जिला सचिव सह सोशल मिडिया प्रभारी सफीक अंसारी रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचे और रुपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोक संतप्त सोरेन परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।इस दौरान सफीक अंसारी ने कहा कि रुपी सोरेन का निधन झारखंड की राजनीति और झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि रुपी सोरेन केवल सोरेन परिवार की मातृशक्ति ही नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के संघर्षपूर्ण इतिहास की एक महत्वपूर्ण साक्षी भी थीं। उनके जीवन और संघर्ष को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
आंदोलन के कठिन दौर में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
सफीक अंसारी ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन के संघर्ष के दिनों में रुपी सोरेन ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। झारखंड अलग राज्य की लड़ाई आसान नहीं थी। उस दौर में आंदोलनकारियों को अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में परिवार का संबल, त्याग और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण था। रुपी सोरेन ने संघर्ष के उस दौर में अपनी भूमिका निभाकर आंदोलन से जुड़े लोगों को मजबूती प्रदान की।उन्होंने कहा कि झारखंड के अलग राज्य के रूप में स्थापित होने के पीछे अनेक लोगों का त्याग, संघर्ष और समर्पण रहा है। रुपी सोरेन का जीवन भी इसी संघर्षपूर्ण यात्रा से जुड़ा रहा। उनके योगदान और स्मृतियों को भुलाया नहीं जा सकता।
राजमाता के जाने का दुख पूरे झारखंड को
झामुमो नेता ने भावुक शब्दों में कहा कि रुपी सोरेन का निधन केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि झारखंड आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए दुखद घटना है। उन्होंने कहा, “राजमाता के जाने का दुख हम सभी को है। उन्होंने अपने जीवन में जिस धैर्य, त्याग और समर्पण के साथ परिवार और आंदोलन के कठिन दौर का साथ दिया, वह हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनका निधन हमारे लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं है।सफीक अंसारी ने कहा कि गुरुजी के संघर्ष और झारखंड आंदोलन के इतिहास को याद करते समय रुपी सोरेन की भूमिका और उनके योगदान को भी सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उनका स्नेह, त्याग और संघर्ष की स्मृतियां हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।
कार्यकर्ताओं में शोक की लहर
उन्होंने कहा कि रुपी सोरेन के निधन की खबर से झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है। पार्टी से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सभी कार्यकर्ता शोकाकुल सोरेन परिवार के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।सफीक अंसारी ने कहा कि रुपी सोरेन की स्मृतियां और झारखंड आंदोलन के प्रति उनका जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रेरणा देता रहेगा। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि झारखंड की अस्मिता, सम्मान और विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया जाए।अंत में उन्होंने दिवंगत रुपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है। राजमाता की स्मृतियां सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेंगी और उनका योगदान झारखंड के इतिहास में सम्मानपूर्वक याद किया जाता रहेगा।


