मालखान महतो
दुगनी : सरायकेला-खरसावां पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार बृहस्पतिवार को दुगनी स्थित रामकृष्णा फोर्जिंस लिमिटेड (प्लांट नंबर-09) परिसर में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान संयंत्र के लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के नए हथकंडों और उनसे बचाव के पुख्ता उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
अनजान लिंक और APK फाइलों से रहें तौबा
साइबर थाना की टीम ने कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। विशेष तौर पर आरटीओ (RTO) चालान, शादी के डिजिटल कार्ड, पीएम किसान योजना, बिजली बिल और केवाईसी (KYC) अपडेट करने के नाम पर भेजी जाने वाली ‘APK फाइलों’ को बिल्कुल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। पुलिस अधिकारियों ने आगाह किया कि इन फर्जी फाइलों को क्लिक करते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है, जिससे पलभर में बैंक खाते खाली हो सकते हैं और निजी डेटा लीक हो जाता है।
ओटीपी और गोपनीय जानकारी भूलकर भी न करें शेयर
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि बैंक खाता संख्या, ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, आधार या पैन कार्ड से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक या कोई भी सरकारी महकमा फोन पर इस तरह की संवेदनशील जानकारियां कभी नहीं मांगता। इसके अलावा, लॉटरी, केबीसी (KBC) में इनाम जीतने या नौकरी दिलाने के नाम पर आने वाले लुभावने कॉल्स और संदेशों के झांसे में आने से बचें।
सोशल मीडिया पर बिना जांच-परख न करें वित्तीय लेन-देन
सोशल मीडिया के जरिए हो रहे साइबर फ्रॉड पर प्रकाश डालते हुए टीम ने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर यदि कोई परिचित या रिश्तेदार बनकर पैसों की मांग करे, तो तुरंत ऑनलाइन भुगतान न करें। पहले उस व्यक्ति को सीधे फोन मिलाकर या आमने-सामने बात कर मामले की पूरी सत्यता की पुष्टि जरूर कर लें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर दर्ज कराएं शिकायत
साइबर थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना एक पल गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि घटना के तुरंत बाद यानी ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती घंटों) में शिकायत दर्ज करा दी जाए, तो ठगी गई रकम के वापस मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।


