नीतीश ने श्रवण कुमार पर जताया भरोसा, जेडीयू विधायक दल का नेता बनाकर साधे कई दांव

Lok Bimb
4 Min Read

गोपाल विद्यार्थी

पटना : जेडीयू विधायक दल का नेता श्रवण कुमार को चुना गया है, जिनके नाम का ऐलान नीतीश कुमार ने खुद किया है. नीतीश कुमार के विधान परिषद के इस्तीफा देने के बाद विधानमंडल के नेता चुनाव होना था, जिसके नाम पर मुहर लग गई है. नीतीश कुमार ने भले ही मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया हो, लेकिन बिहार की राजनीति में अपनी पूरी दखल बनाए रखना चाहते हैं. यही वजह है कि नीतीश कुमार ने अपने सबसे करीबी और भरोसेमंद माने जाने वाले श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता नियुक्त किया है. ऐसा माना जा रहा है कि श्रवण कुमार के जरिए नीतीश कुमार ने एक तीर से कई समीकरण को साधने की कवायद की है. बिहार की सियासत में श्रवण कुमार एक जाना पहचाना चेहरा हैं.

उन्होंने अपना राजनीतिक सफर पांच दशक पहले नीतीश कुमार के साथ ही शुरू किया था. नीतीश के गृह जनपद नालंदा से आते हैं और उनकी ही जाति कुर्मी समाज से ही हैं. नीतीश कुमार ने दो दशक तक मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद राज्यसभा जाने का फैसला किया. बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद जेडीयू कोटे से दो डिप्टीसीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को बनाया है. ऐसे में अब नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता नियुक्त कर बड़ा दांव चला है?
जेडीयू विधायकों की सोमवार को पटना में नीतीश कुमार के आवास पर बैठक हुई थी. इस दौरान जेडीयू के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता चुनने का जिम्मा नीतीश कुमार को सौंप दिया था. इसके बाद से सभी की निगाहें लगी थी कि नीतीश कुमार की पसंद का नेता कौन बनेगा?
नीतीश कुमार के विधान परिषद और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जेडीयू विधानमंडल दल के नेता का पद खाली हो गया है. ऐसे में कई नाम पर कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन नीतीश कुमार ने अपने सबसे पुराने साथी और करीबी नेता श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल के नेता नियुक्त कर दिया है. नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेता श्रवण कुमार माने जाते हैं.

कौन है श्रवण कुमार जो जेडीयू में नंबर-2 बने

श्रवण कुमार बिहार की राजनीति में एक जाना पहचाना चेहरा हैं और जेडीयू के पुराने नेताओं में से एक हैं. श्रवण कुमार ने अपना राजनीतिक सफर की शुरुआत पांच दशक पहले की थी. श्रवण कुमार की राजनीतिक यात्रा सन 1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले उस जेपी आंदोलन से शुरू हुई थी, जिसमें नीतीश कुमार भी मुख्य रूप से शामिल थे. इसके बाद से ही नीतीश और श्रवण कुमार के राजनीतिक रिश्ते काफी मजबूत बने, जो अभी भी बरकरार है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी और भरोसेमंद जदयू नेताओं में से एक हैं. श्रवण कुमार 1995 से नालंदा विधानसभा सीट से लगातार विधायक हैं और ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य जैसे प्रमुख विभागों के मंत्री रह चुके हैं. नीतीश कुमार के चट्टानी समर्थक के रूप में, उन्होंने बिहार में जदयू के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के साथ मिलकर समता पार्टी के दिनों से ही वो राजनीति में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने 1995 से अब तक नालंदा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार विधायक पद जीता है, जो उनकी मजबूत जमीनी पकड़ को दर्शाता है.

Share This Article
Leave a Comment