प्रसाद इन्द्रजीत
जामताड़ा : सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा, नाला प्रखंड इकाई की बैठक मंगलवार को नाला ब्लॉक फुटबॉल ग्राउंड में प्रखंड अध्यक्ष निजामुद्दीन अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।अध्यक्ष निजामुद्दीन अंसारी ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ हुई वार्ता में लिखित समझौता हुआ था कि आकलन पास सहायक अध्यापकों को टेट के समतुल्य मान्यता दी जाएगी, लेकिन अब सरकार इससे मुकर रही है।उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर संगठन के साथी रांची स्थित नागा बाबा खटाल में पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, बावजूद इसके सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। भीषण गर्मी के बावजूद आंदोलनकारी अपने परिवार की चिंता छोड़कर धरना पर डटे हुए हैं।बैठक में राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत 23 और 24 अप्रैल को स्थानीय विधायक और मंत्री के आवास पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए नाला प्रखंड के सभी सहायक अध्यापक इन दोनों दिनों सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसकी सूचना बीईईओ को दे दी गई है।अंसारी ने संगठन से दूरी बनाए रखने वाले शिक्षकों पर भी नाराजगी जताई और कहा कि कुछ लोग घर बैठकर संगठन के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।वहीं, बारघरिया सीआरसी अध्यक्ष नैनी प्रसाद गोराई ने कहा कि इतिहास गवाह है कि बिना आंदोलन के कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने सभी सहायक अध्यापकों से एकजुट होकर अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने 30 अप्रैल को रांची में आयोजित आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।मौके पर कालाचांद बाउरी, शिवनारायण मंडल, सुशील मंडल, पवित्र गोराई, वसीम अकरम, पार्वती मुर्मू, रबिंद्र टुडू, भास्कर महतो सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।


