हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ क्रिमिनल केस बंद

Lok Bimb
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हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने एक बार उदारता दिखाते हुए अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ मामला बंद करने का फैसला किया है। महमूदाबाद पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट करने के लिए मामला दर्ज किया गया था।

चंडीगढ़ : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट लिखने वाले सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत दे दी है। हरियाणा सरकार ने अली खान के खिलाफ दर्ज मुकदमे को बंद करने का फैसला किया है। यह जानकारी हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। इसके बाद कोर्ट ने भी अली खान की याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है।

हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अशोका यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को बंद करने का फैसला किया गया है। यह फैसला प्रदेश सरकार ने उदारता दिखाते हुए लिया है।

सरकारी वकील ने सुप्रीम कोर्ट से क्या कहा?

सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सलाह दी थी कि एक बार उदारता दिखाते हुए राज्य सरकार फैसला करे। राज्य सरकार ने अब इस मामले की कार्यवाही को बंद करने का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा कि अली खान महमूदाबाद विद्वान प्रोफेसर हैं, उम्मीद है कि वे भविष्य में समझदारी भरा आचरण करेंगे।

मई 2025 में हुई थी एफआईआर

मई 2025 में हरियाणा में खिलाफ दर्ज दो एफआईआर को रद्द करने को लेकर यह याचिका अली खान महमूदाबाद ने दाखिल की थी। सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को पुलिस ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर टिप्पणी करने को लेकर गिरफ्तार किया था।

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर की थी टिप्पणी

महमूदाबाद ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की नियमित प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके खिलाफ पहला मामला गांव जटेड़ी के सरपंच द्वारा दर्ज कराया गया था। दूसरा मामला हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर दर्ज हुआ था। हरियाणा पुलिस ने पिछले साल 18 मई को दो प्राथमिकियां दर्ज होने के बाद महमूदाबाद को गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने और आयोग के नोटिस की अवहेलना का आरोप लगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने महमूदाबाद के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी इसलिए संबंधित अधीनस्थ न्यायालय में लंबित सुनवाई समाप्त मानी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी को अधीनस्थ न्यायालय को महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में हरियाणा एसआईटी द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से रोकने वाले अपने आदेश की मियाद बढ़ा दी थी।

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