हरियाणा के पानीपत में एक हैरान कर देनेवाली घटना हुई। यहां पर होली के दिन लापता हुए एक युवक की कटी लाश रेलवे ट्रैक के पास मिली। यह घटना देखने में एक समान्य ट्रेन हादसा लग रहा था। हालांकि जब जांच के बाद खुलासा हुआ तो सबके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।
चंडीगढ़ : हरियाणा से एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर होली के एक दिन बाद रेलवे ट्रैक के पास कटी लाश मिली। यह लाश एक 23 साल के युवक की थी। घटना को एक ट्रेन हादसा माना गया। हालांकि लगभग 12 दिन बाद इस केस में ट्विस्ट सामने आया है। खुलासा हुआ है कि युवक की मौत कोई हादसा नहीं थी, उसकी हत्या की गई थी। हत्या को हादसा दिखाने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। युवक की हत्या भी किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड के चक्कर में की।
पुलिस के मुताबिक युवक ने होली पर उसके दोस्त की प्रेमिका को रंग लगाया था। उसका दोस्त इस बात को लेकर नाराज हुआ। उसने युवक से बहस की और उसे पीटा, इस सबके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने युवक की हत्या कर दी।
होली के दिन हो गया था लापता
यह घटना पानीपत की है। पीड़ित कालू होली के दिन लापता हो गया था। उसका शव बाद में रेलवे ट्रैक पर मिला और शुरू में इसे रेल दुर्घटना माना गया। हालांकि, सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी और जघन्य हत्या थी।
क्या है हत्या का पूरा केस
पुलिस ने पीड़ित के ही गांव महमूदपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान संजू, राहुल और विशाल के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने होली के विवाद और एक पुराने व्यक्तिगत विवाद का बदला लेने के लिए हत्या की। पूछताछ के दौरान, तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, और पुलिस ने संजू को साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया।
मोटरसाइकल को लेकर पहले हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, हत्या का मुख्य कारण होली के दौरान हुआ विवाद था। कालू ने कथित तौर पर संजू की गर्लफ्रेंड को रंग लगा दिया था। इस घटना से संजू क्रोधित हो गया और उसने उसे जान से मारने का फैसला किया। जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि दोनों के बीच पुराना विवाद था। संजू ने पुलिस को बताया कि कालू ने एक बार उसकी मोटरसाइकिल उधार ली थी और बाद में एक दुर्घटना में उसकी मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन उसने कभी भी नुकसान की भरपाई नहीं की।
मिलने बुलाया, पिलाई खूब शराब
पानीपत जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि आरोपियों ने हत्या की सुनियोजित योजना बनाई थी। घटना की शाम, संजू ने कालू को अपने घर से बाहर बुलाया और तीनों आरोपियों ने उसके साथ शराब पी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने खुद बहुत कम शराब पी थी, लेकिन उन्होंने कालू को अत्यधिक मात्रा में शराब पीने के लिए मजबूर किया ताकि वह अपना आपा खो दे। जब कालू अत्यधिक नशे में हो गया, तो आरोपी उसे मोटरसाइकिल पर बिठाकर रेलवे ट्रैक पर ले गए। वहां संजू ने स्क्रूड्राइवर से उसकी गर्दन पर दो बार वार किया। हालांकि, हमले के बावजूद कालू की मौत नहीं हुई।
रेलवे ट्रैक के बीच में लिटाया
पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने एक और घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। स्क्रूड्राइवर से वार करने पर भी जब कालू की जान नहीं गई, तो उन्होंने उसके हाथ-पैर पकड़कर उसे जिंदा ही रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच लिटा दिया। शराब और चोटों के कारण कालू विरोध करने की स्थिति में नहीं था। आरोपियों के घटनास्थल से जाने के तुरंत बाद, एक तेज रफ्तार ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई, जिससे उसका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल फोन लोकेशन डेटा की जांच के बाद इस मामले को सुलझाया। पुलिस को पता चला कि घटना के समय संजू और उसके साथी घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। लगातार पूछताछ के दौरान, तीनों आरोपियों ने आखिरकार पूरी घटना को कबूल कर लिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।


