सीबीआई-ईडी जांच, आयोग भंग और मंत्री के इस्तीफे की मांग
देवघर : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में कथित अनियमितताओं, परीक्षा घोटालों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर मंगलवार को देवघर जिला समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। केंद्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो के निर्देश पर आयोजित इस आंदोलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष चंदन वर्मा ने की। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर युवाओं के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान जेएलकेएम ने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती प्रक्रिया लगातार विवादों और अनियमितताओं से घिरी रही है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मोर्चा ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित विवादित परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर उनकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) एवं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जाए। साथ ही आयोगों में व्यापक सुधार करते हुए अध्यक्ष, सदस्यों एवं दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। संगठन ने सभी लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं का शीघ्र नोटिफिकेशन जारी कर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर के अनुरूप समयबद्ध ढंग से परीक्षाएं और नियुक्तियां पूरी करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के लिए पूरी तरह पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त एजेंसियों के चयन की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो संबंधित मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष चंदन वर्मा ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी होगी तथा वर्षों से लंबित नियुक्तियों को अविलंब पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है और यदि उनकी जायज़ मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। धरना-प्रदर्शन में आरती चौहान, चांद हसन, इबरार अंसारी, अंग्रेज दास, रोहित राउत, खुशवंत प्रधान, सचिन दास, विजय कुमार पोद्दार, मुकेश यादव, बबलू महतो, मुरारी महतो, रविकांत मोती, गणेश महतो, अभिनव राउत, सुखदेव महतो, गुणधर महतो, अभिषेक कुमार राय, रोबिन दास, सौरभ कुमार वर्मा, हरि नारायण दास, टिंकू पोद्दार, शमशेर आलम, राजकुमार यादव, जनार्दन ठाकुर, बबलू कुमार दास, रोहन कुमार सिंह, मुकेश सिंह, धर्मवीर कुमार रावत, संदीप यादव, उमाशंकर यादव, जितेंद्र मंडल, महेंद्र दास, गौतम कुमार रावत, अखिलेश कुमार कापरी, मुन्ना कुमार दास, नंद देव दास, राज कुमार, अरुण कुमार महतो, रणधीर यादव, शिवानी कुमारी, सिकंदर आलम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, छात्र-युवा एवं आम नागरिक शामिल हुए। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि युवाओं की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा।


