– हेमन्त अहीर
रांची : जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा। दिनभर के घटनाक्रम ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की, वहीं झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता का रास्ता भी साफ होता नजर आया।
कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने पहले कहा था कि वे तभी अपना अनशन तोड़ेंगे, जब सोनम वांगचुक स्वयं रांची आकर उनसे मुलाकात करेंगे। वीडियो कॉल के दौरान वांगचुक ने उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और नींबू पानी लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सत्याग्रह का उद्देश्य स्वयं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाना होता है। महात्मा गांधी के अनशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लंबे आंदोलन में शरीर को ऊर्जा देने के लिए पानी, शहद और नींबू का सेवन जरूरी होता है।
लगातार आग्रह के बाद देवेंद्र महतो ने जल ग्रहण किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पहले की तरह जारी रहेगी। बातचीत के दौरान वांगचुक ने आंदोलन का समर्थन करते हुए जल्द रांची आने का आश्वासन भी दिया।
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। शुरुआती असहमति के बाद छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए सहमति दे दी, लेकिन स्पष्ट किया कि पूरी बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी प्रकार का विवाद न हो।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। सरकार जल्द आवश्यक निर्णय लेकर मामले का समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की चुनौती बन चुका है।
उधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार जल्द उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी, जो छात्रों की मांगों पर विचार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी आंदोलन स्थल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में सी.पी. सिंह, नवीन जायसवाल, भानु प्रताप शाही, अमर बाउरी, सीता सोरेन और पूर्णिमा दास सहित कई नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और जेपीएससी – जेएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच तथा विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग दोहराई। भाजपा नेताओं ने विधानसभा के भीतर भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का भरोसा दिया।
लगातार 12 दिनों से जारी इस आंदोलन ने अब राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है। सरकार और छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता से समाधान की उम्मीद जगी है, लेकिन छात्र साफ कर चुके हैं कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होता, तब तक उनका शांतिपूर्ण सत्याग्रह और आंदोलन जारी रहेगा।


