दीपक कुमार
हरनौत । जलवायु परिवर्तन अनुकूल स्वास्थ्य प्रणाली (CRHS) विषयक परिसंवाद कार्यक्रम मिजीरियर जर्मनी के सौजन्य से घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरनौत के प्रांगण में किया गया ।मौके पर पटना से आए जीपीएसवीएस के क्लस्टर कॉर्डिनेटर सुनील कुमार ने किशोरियों के बीच विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में पर्यावरण संबंधी समस्याओं का स्वरूप अधिक गंभीर होते जा रहा है ।जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का दुष्प्रभाव झेलने को दुनिया मजबूर है ।जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले रोग जिसे क्लाइमेट सेंसेटिव डिजीज भी कहते है। वायु प्रदूषण संबंधित रोग ,लू संबंधित रोग ,जल जनित बीमारियां ,एलर्जी चरम मौसमी घटनाओं से संबंधित स्वास्थ्य समस्या आदि क्लाइमेट सेंसेटिव डिजीज के अंतर्गत आते है ।वही प्रख्यात समाजसेवी दीपक कुमार ने वृक्षारोपण पर विस्तृत बाते रखते हुए आम नागरिकों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की सलाह दी और सामाजिक सुरक्षा विषय जैसे कन्या भ्रूण हत्या , बाल विवाह ,आदि सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।
पर्यावरण स्वास्थ्य सहेली मोनी कुमारी ने विस्तार से विषय संबंधी बात को रखते हुए हाथ सफाई के बेहतर टिप्स बताए और किशोरियों के बीच
हाथ सफाई के सात चरण का अभ्यास कराया।विद्यालय की वार्डन प्रतिमा कुमारी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताया । वार्डन प्रतिमा कुमारी ने बताया कि सरकार
बच्चियों के लिए बेहतर शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्पित है।उन्होंने कहा कि विद्यालय की छात्रा पढ़ाई के अलावे अन्य अच्छे एक्टिविटी में भी भाग लेते है ।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वार्डन प्रतिमा कुमारी जी सहित विद्यालय कर्मियों का सक्रिय सहयोग मिला ।धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ ।


