गोपाल विद्यार्थी
बिक्रम : ऐसे तो ज्यादातर शिव मंदिरों में भगवान शिव की शिवलिंग होती है जहां लोग रुद्राभिषेक व सावन में विशेष श्रृंगार करते हैं लेकिन बिक्रम के पैनापुर गाँव स्थित पौराणिक पोखरेश्वर नाथ शिव मंदिर में नाग युक्त बड़ा शिवलिंग विराजमान है। आइए जानें पटना जिले के बिक्रम प्रखंड अंतर्गत सोन नहर के किनारे स्थित पैनापुर गाँव के बीचो बीच स्थित पोखरेश्वर नाथ शिव मंदिर का रहस्य । इस संबंध में मंदिर के देखरेख करने वाले राज कुमार यादव बताते हैं कि मंदिर की स्थापना सन् 1970 ई. पूर्व शीतल सिंह ने नौलाख प्रसाद के मार्गदर्शन में पुत्र रत्न की प्राप्ति की इच्छा से की थी, पूरे मंदिर का दीवार, छत चूना सुरकी से बना है। इस मंदिर के मुख्य द्वार के अगल बगल में हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है, वहीं मंदिर के गर्भ गृह में माँ पार्वती, गणेश जी, कार्तिक जी, हनुमान जी व नन्दी की प्रतिमा स्थापित है । श्री यादव बताते हैं कि ढाई कट्ठा में बने मंदिर के चारों तरफ चमेली, गुलाब व अड़हुल के फुल से सुसज्जित है। इस वारे में मंदिर के पूजारी राजकुमार बाबा का कहना है कि रोजाना पूजा पाठ के अलावे श्रावण
महीना के अवसर पर मंदिर को रंग बिरंगी रोशनी जगमग किया जाता है साथ ही श्रावण के हर सोमवार को शिव जी का श्रृंगार पूजन किया जाता है। मंदिर परिसर मैं बसंत पंचमी के समय माँ सरस्वती जी का विशाल प्रतिमा बैठाई जाती है इस दौरान 24 घण्टे का हरे राम हरे कृष्ण नाम अखण्ड संकीर्तन का भव्य आयोजन के साथ पूजा अर्चना किया जाता है। अखण्ड संकीर्तन के पूर्णाहुति पर के दिन विशाल भंडारा का आयोजन होता है। इस मंदिर की खास बात है कि सन्तान व सिद्धि प्राप्ति की इच्छा से जो लोग यहां आकर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक करते हैं उन्हें भगवान की महिमा से सन्तान सुख का लाभ मिलता है सबसे खास बात यह है कि इस शिव मंदिर में जलाभिषेक करने कई अधिकारी व नेता पहुंचते हैं, ऐसी मान्यता है कि सावन में जलाभिषेक से लोगों की मुरादें पूरी होती है ।


