दिल्ली दिव्यांग संघ की अध्यक्ष पारुल सिंह के नेतृत्व में पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप का आयोजन

Lok Bimb
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# खेल मंत्री आशीष सूद ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

नई दिल्ली : दिल्ली दिव्यांग पैरास्पोर्ट्स एसोसिएशन (DPSA) की अध्यक्ष पारुल सिंह के नेतृत्व में चौथी दिल्ली राज्य पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप 2026 का आयोजन तालकटोरा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्प्लेक्स में किया गया। प्रतियोगिता में दिल्ली के 150 से अधिक दिव्यांग तैराकों ने विभिन्न आयु एवं वर्गों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के शिक्षा, खेल एवं गृह मंत्री आशीष सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ विभिन्न तैराकी स्पर्धाओं में भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा। खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास से यह साबित किया कि अवसर और उचित प्रशिक्षण मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ सरकारी एवं पुलिस अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आईपीएस अधिकारी निहारिका भट्ट, डीसीपी (नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट) भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहीं। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। मुख्य अतिथि आशीष सूद ने कहा कि पैरा एथलीटों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से यह साबित किया है कि चुनौतियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलें। उन्होंने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि खेल के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच भी मजबूत होती है।पारुल सिंह ने कहा कि चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और टीम भावना ने इस आयोजन को सफल बनाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को समान अवसर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

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