*युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया गया संदेश, शिक्षकों ने बताए इसके दुष्परिणाम*
इन्द्रजीत
जामताड़ा : गेड़िया शैक्षणिक अंचल के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सालुका में सोमवार को नशे के दुष्प्रभावों को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद तांती ने की।इस मौके पर प्रधानाध्यापक प्रमोद तांती ने कहा कि नशा मनुष्य के जीवन को बर्बाद करने वाला एक गंभीर अभिशाप है। यह न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। देश का उज्ज्वल भविष्य युवाओं पर निर्भर करता है। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आने लगेंगे, तो निश्चित रूप से देश का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।वहीं, सहायक शिक्षक नैनी प्रसाद गोराई ने कहा कि आजकल कई युवा नशा और धूम्रपान को अपनी शान समझते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का एहसास नहीं होता कि नशा दीमक की तरह उनके शरीर और जीवन को खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा, दुष्कर्म, मारपीट, छिनतई, चोरी और आत्महत्या जैसी कई गंभीर घटनाओं के पीछे नशा भी एक बड़ा कारण हो सकता है। नशा आज समाज के सामने एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार को भी बर्बाद कर देता है। नशे की लत से ग्रस्त व्यक्ति को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।सहायक शिक्षक आलोक कुमार मां ने कहा कि नशा सड़क दुर्घटनाओं का भी एक प्रमुख कारण है। आजकल कई दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण होती हैं। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।कार्यशाला में रासमनी हेमरम, मंजुला गोराई, जितेन पाल, गमन टुडू सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


