21 वर्षीय अंजनी की मौत से दोनों परिवारों में पसरा मातमी सन्नाटा, चार और दो साल के बेटों को मां के लौटने का इंतजार
रजौन (बांका) : अमरपुर प्रखंड के रायपोखर में रजौन प्रखंड के सिंहनान पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव की एक विवाहिता का शव मिलने से दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका की पहचान रामपुर गांव निवासी सूरज सिंह की 21 वर्षीय पत्नी अंजनी कुमारी के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना ने सबसे अधिक प्रभावित उसके दो मासूम बेटों को किया है, जिनके सिर से मां का साया उठ गया है। चार वर्षीय अखिलेश कुमार और महज दो साल का दिव्यांश कुमार अब मां की ममता से वंचित हो गए हैं।
परिजनों के मुताबिक, करीब दस दिन पहले सूरज अपनी पत्नी अंजनी और दोनों बच्चों को लेकर अमरपुर प्रखंड स्थित अपने ससुराल आया था। इसके बाद वह पत्नी और बच्चों को मायके में छोड़कर निजी नौकरी के सिलसिले में राजकोट लौट गया। इसी बीच शनिवार, 17 अक्टूबर को सप्तमी पूजा के दिन अंजनी बैंक जाने की बात कहकर घर से निकली थी। वह अपने दोनों बच्चों को घर पर ही छोड़ गई थी। देर शाम तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने आसपास और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।रविवार की सुबह अमरपुर प्रखंड के रायपोखर में अंजनी का शव मिलने की सूचना से परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना की खबर मिलते ही मायके और ससुराल पक्ष में कोहराम मच गया। करीब छह वर्ष पूर्व अंजनी की शादी सिंहनान पंचायत के रामपुर गांव निवासी दुखन मंडल के पुत्र सूरज सिंह के साथ हुई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पति सूरज राजकोट से अपने घर के लिए रवाना हो गया। पोस्टमार्टम के बाद अंजनी का शव उसके ससुराल रामपुर पहुंचने पर गांव में शोक का माहौल और गहरा गया।
इस दुखद घटना के बाद दोनों मासूम बच्चे अपने नाना-नानी की देखरेख में हैं। जिन बच्चों की दुनिया मां की गोद और उसके स्नेह के इर्द-गिर्द सिमटी थी, वे अब मां के बिना रह गए हैं। चार वर्षीय अखिलेश और दो वर्षीय दिव्यांश को इस बात का अहसास भी नहीं है कि उनकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। परिवार के लोगों के लिए बच्चों को संभालना और इस असहनीय दुख से उबरना बेहद कठिन हो गया है।
मौत की वजह अब भी स्पष्ट नहीं
फिलहाल अंजनी की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


