बिहार की सड़क परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी, सारण की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

Lok Bimb
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• सारण केंद्रित सड़क परियोजनाओं पर 14 अक्टूबर की दिल्ली बैठक के बाद पटना नॉर्थ रिंग रोड समेत बिहार की कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं को केंद्र की स्वीकृति।
• पटना नॉर्थ रिंग रोड का विस्तार: यह मार्ग दिघवारा से कोन्हुआ होते हुए बिदुपुर तक जाएगा।
• फोर-लेन चौड़ीकरण: दो लेन वाले छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर मार्ग को फोर-लेन में परिवर्तित किया जाएगा।
• राम-जानकी पथ नेटवकर्: इसके तहत मशरक-चकिया-भीठा मोड़ के शेष हिस्से का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
• रेवा घाट पर नया पुल: एनएच 722 के भाग के रूप में रेवा घाट पर एक नए पुल के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
• नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: दिघवारा से भेल्दी तक एक नई ग्रीनफील्ड सड़क बनाई जाएगी, जो पटना से आने वाले ट्रैफिक को सीधे एनएच 722 से जोड़ेगी।
• बाकरपुर क्लोवर लीफ और कनेक्टिविटी: बाकरपुर में एक संशोधित क्लोवर लीफ बनाया जाएगा, साथ ही नकटा दियारा को इससे जोडऩे का प्रस्ताव है।
• दियारा क्षेत्र को शेरपुर-दिघवारा पुल से जोडऩे का प्रस्ताव है। पटना नॉर्थ रिंग रोड से राजधानी और उत्तर बिहार के बीच तेज और सुरक्षित संपर्क मार्ग विकसित होगा।

पटना : सारण के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की निरंतर पहल के क्रम में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में सांसद रूडी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय झा की सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर तथा बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण के सचिव पंकज कुमार पाल व एनएचएआइ्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सारण केंद्रित सड़क परियोजनाओं पर उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में सारण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। ये परियोजनाएँ सारण की कनेक्टिविटी और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सारण अब केवल उत्तर बिहार का प्रवेश द्वार ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत की ओर बिहार की कनेक्टिविटी का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रस्तावित सड़क सुधारों से सारण का संपर्क पटना, मुजफ्फरपुर और राज्य के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा एवं उत्तर प्रदेश की दिशा में अधिक सुगम होगी। स्वीकृत परियोजनाओं में पटना नॉर्थ रिंग रोड, छपरा-मुजफ्फरपुर-रेवाघाट सड़क का फोरलेन चौड़ीकरण तथा मशरख-चकिया-भीठामोड़ राम-जानकी पथ प्रमुख हैं। पटना नॉर्थ रिंग रोड इस संबंध में सांसद रूडी ने बताया कि, लगभग 150 किलोमीटर लंबी पटना नॉर्थ रिंग रोड दिघवारा से शुरू होकर गंडक नदी पर प्रस्तावित नए पुल, एनएच-77, जेपी सेतु के समानांतर निर्माणाधीन छह लेन गंगा पुल और शेरपुर-दिघवारा पुल सहित विभिन्न संपर्क मार्गों से जुड़ेगा। इसके पूरा होने पर राजधानी पटना के लिए वैकल्पिक और अपेक्षाकृत सुगम आवागमन मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, कोन्हुआ के पास गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल के माध्यम से रिंग रोड को पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोडऩे की योजना है। इसके क्रियान्वयन से उत्तर बिहार में एक महत्वपूर्ण परिवहन कॉरिडोर विकसित होगा। छपरा-मुजफ्फरपुर-रेवाघाट : उन्होंने छपरा-मुजफ्फरपुर-रेवाघाट सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण पर कहा कि इसके निर्माण से प्रमुख बाजारों तथा रेवाघाट पुल के आसपास यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रा समय घटने और सारण तथा मुजफ्फरपुर के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। मशरख-चकिया-भीठामोड़ राम-जानकी पथ वहीं, मशरख-चकिया-भीठामोड़ राम-जानकी पथ सारण को अयोध्या, पुनौरा धाम और जनकपुर धाम से जोडऩे वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक संपर्क को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से भारत-नेपाल सीमा तक सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे व्यापार, सीमा पार परिवहन और धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। रूडी ने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से मुजफ्फरपुर की लीची, मिथिलांचल का मखाना, सारण के दियारा क्षेत्र की सब्जियां और हाजीपुर के केले जैसे कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, उद्योगों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि सड़क परियोजनाओं के बेहतर संपर्क मार्गों से हवाई अड्डे तक पहुंच सुगम होगा और उसके आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी। सांसद रूडी ने कहा कि सारण की सड़क परियोजनाओं को लेकर संबंधित मंत्रालयों और बिहार सरकार के साथ निरंतर समन्वय का उद्देश्य क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप मजबूत, सुरक्षित और भविष्योपयोगी अवसंरचना विकसित करना है। केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के बाद सारण सहित पूरे उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और आर्थिक संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी।

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