सोनू कुमार सिंह
सरायकेला/आदित्यपुर : प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रवीण सिंह सेवा संस्थान द्वारा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया जाएगा। जिसको लेकर आज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया।
इस अवसर पर कलश स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। भूमि पूजन के साथ ही पंडाल निर्माण की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
इस शुभ अवसर पर शशि शेखर, भगवान सिंह, जवाहर लाल सिंह, उमेश सिंह, संजय सिंह, इन्द्रजीत पांडेय, धनंजय कुमार, सुनील गुप्ता, अनुराग सिंह और जगदीश नारायण चौबे समेत संस्थान के कई सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.
संस्थान के संरक्षक अरविंद सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि कि इस वर्ष मां दुर्गा के पूजा पंडाल का निर्माण त्रिधारा मंदिर के स्वरूप में कराया जाएगा। त्रिधारा मंदिर की अनूठी वास्तुकला और आध्यात्मिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। इसका मॉडल भी आज पूजा स्थल पर रखा गया था।
आपको बता दें कि प्रवीण सिंह सेवा संस्थान के संरक्षक सह इचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह हैं। उनके द्वारा निर्मित यह पूजा पंडाल हर साल चर्चा का विषय बना रहता है। इस पंडाल को देखने के लिए सिर्फ सरायकेला-खरसावां ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड सहित बंगाल और ओडिशा से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। पंडाल के अंदर प्रवेश करने के लिए घंटों लंबी कतार लगी रहती है।
हर साल की तरह इस साल भी पंडाल में भव्यता, रोशनी और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। संस्थान के सदस्यों ने कहा कि मां दुर्गा के आगमन की तैयारी पूरे जोश और श्रद्धा के साथ शुरू कर दी गई है।
इस वर्ष श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण के लिए ‘पुरानी काल्पनिक हवेली’ की थीम पर आधारित पंडाल तैयार किया जा रहा है. यह जानकारी संस्थान के संरक्षक सह पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने दी। उन्होंने जानकारी देते हुए आगे कहा कि पूजा पंडाल के बाहरी और आंतरिक स्वरूप हल्के काले रंग में नजर आएगा। पंडाल की भीतरी और बाहरी दीवारों पर मां काली समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक कलाकृतियां व मूर्तियां उकेरी जाएंगी। साथ ही कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ इस मंच से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।
वहीं इस पूजा पंडाल के निर्माण का जिम्मा मां पार्वती डेकोरेटर्स के संचालक अशोक कुमार डे को दिया गया है जो कि मेदिनीपुर के रहने वाले हैं।
अशोक कुमार डे ने बताया कि लगभग 60 से 70 फीट ऊंचे इस भव्य पंडाल के निर्माण में 25 से 30 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी. फिलहाल 40 कारीगर दिन-रात काम में लगे हुए हैं और महालया तक निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा.


