- हेमन्त अहीर
नेमरा | जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा, झारखंड के नौ भाषाओं के संयोजकों ने नेमरा स्थित स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधियों ने रूपी सोरेन के साथ बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के योगदान को याद करते हुए झारखंड की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया।
मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि कुड़माली, नागपुरी, खोरठा, कुड़ुख, हो, मुंडारी, खड़िया, संताली और पंचपरगनिया भाषाओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
मौके पर प्रदीप उरांव, पप्पू कुमार महतो, जगदीश उरांव, सुनील हेंब्रम, सहदेव, महेंद्र, लेबेयान और परशुराम मानकी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।


