फातेह आलम तालझारी
तालझारी : राजमहल अंचल क्षेत्र के मखानी गांव के पास में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी माफियाओं द्वारा एक विशालकाय शीशम के पेड़ को कथित रूप से अवैध तरीके से काटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है और वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लकड़ी माफियाओं ने बिना किसी वैध अनुमति के दिन-दहाड़े शीशम के पेड़ को काट दिया। आरोप है कि पेड़ काटने के दौरान माफियाओं में न तो प्रशासन का भय दिखा और न ही कानून का। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यदि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी का उठाव किया जाता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन वन माफिया के द्वारा अवैध लकड़ी को रात के अंधेरे का इंतजार था रात होते ही वन माफिया के द्वारा कटे पेड़ को लोड करके लेकर चला जाता है और वन विभाग देखता रह जाता है।
हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अब तक मौके पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो वन माफिया के द्वारा कटा शीशम का पेड़ पकड़ा जाता परन्तु वन विभाग की लापरवाही से वन माफिया का मनोबल बढ़ता चला जा रहा है। इस मामले में वन माफिया पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार करने वालों का मनोबल और बढ़ेगा तथा बहुमूल्य वन संपदा को लगातार नुकसान पहुंचेगा। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शीशम जैसे बहुमूल्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न केवल प्राकृतिक संपदा का नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जनता के सवाल
– आखिर किसके संरक्षण में क्षेत्र में अवैध लकड़ी का कारोबार फल-फूल रहा है?
– क्या वन विभाग के वरीय अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे?
– क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे?
अब सभी की निगाहें वन विभाग के वरीय अधिकारियों पर टिकी हैं। देखना होगा कि अवैध कटाई के इस मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होती है या फिर क्षेत्र में “हरे सोने” की लूट इसी तरह जारी रहती है।


