गोपाल विद्यार्थी
पटना : वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के निबंधन विभाग ने राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की, जो लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7,648.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति (101.98 प्रतिशत) हुई थी। इस प्रकार, चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण में 754.58 करोड़ रुपये यानी 9.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में सर्वाधिक राजस्व संग्रह करने वाले शीर्ष पांच जिलों में पटना प्रथम स्थान पर रहा। यहां कुल 1,28,367 दस्तावेजों का निबंधन हुआ और 1,361.38 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 1,506.15 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ, जो 110.63 प्रतिशत है।इसके बाद अरवल जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहां 6,814 दस्तावेजों के निबंधन के साथ 36.65 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 39.75 करोड़ रुपये (108.46 प्रतिशत) की प्राप्ति दर्ज की गई।
सर्वाधिक प्रदर्शन करने वाले कार्यालय
सर्वाधिक राजस्व संग्रह करने वाले शीर्ष 5 कार्यालयों में दानापुर कार्यालय अग्रणी रहा, जहाँ 12,633 दस्तावेज़ों का निबंधन करते हुए 190.68 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 255.72 करोड़ रुपये (134.11 प्रतिशत) की उल्लेखनीय प्राप्ति दर्ज की गई। रजौली कार्यालय में 9,562 दस्तावेज़ों के माध्यम से 26.57 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 34.54 करोड़ रुपये (129.98 प्रतिशत) का राजस्व संग्रह हुआ। पटना सिटी कार्यालय ने 7,022 दस्तावेज़ों के साथ 89.58 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 106.53 करोड़ रुपये (118.93 प्रतिशत) की प्राप्ति हासिल की। बिक्रम कार्यालय में 10,032 दस्तावेज़ों के जरिए 50.69 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 59.80 करोड़ रुपये (117.97 प्रतिशत) का राजस्व अर्जित किया गया, जबकि डेहरी ऑन सोन कार्यालय ने 6,678 दस्तावेज़ों के साथ 37.78 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 44.34 करोड़ रुपये (117.35 प्रतिशत) की राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित की।
वहीं, कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन भी दर्ज किया गया, जिनमें मुजफ्फरपुर (87.78%), मधुबनी (87.49%), समस्तीपुर (86.53%), बेतिया (85.53%) तथा मधेपुरा (81.52%) शामिल हैं। वहीं राज्य भर में कुल 15,93,526 दस्तावेजों का निबंधन हुआ, जिसके तहत 8,250.00 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,919.66 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई, जो कुल 95.99 प्रतिशत है | बता दे कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में कुल 15,93,526 दस्तावेजों का उपस्थापन हुआ, जबकि वर्ष 2024–25 में यह संख्या 17,51,510 थी। इस प्रकार दस्तावेज उपस्थापन में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, प्रति दस्तावेज आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025–26 में प्रति दस्तावेज औसत आय 49,699 रुपये रही, जो पिछले वर्ष के 43,670 रुपये की तुलना में 13.80 प्रतिशत अधिक है। विभागीय मंत्री, सचिव एवं निबंधन महानिरीक्षक के मार्गदर्शन में निर्धारित राजस्व लक्ष्य से अधिक लक्ष्य की प्राप्ति की गई है। इसमें निबंधन पदाधिकारियों का भी योगदान सराहनीय है। वित्तीय वर्ष के अंतिम कार्यदिवस पर 14,905 दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे एक दिन में 107.74 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो एक सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि मानी जा रहीं है। अवकाश के दिनों के साथ ही साथ जनवरी 2026 से मार्च तक रविवार अवकाश में कार्यालय खुले रहने से यह लक्ष्य प्राप्त हो पाया है। अनुश्रवण हेतु मुख्यालय स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई थी। एसीसी काउन्टर में बिना किसी भी अवरोध के ई-स्टाम्प की बिक्री होती रही।


