समस्तीपुर में उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित, डीएम बोले – उर्दू गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान

Lok Bimb
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मोहम्मद जमशेद

समस्तीपुर : निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार पटना के निर्देशानुसार जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में उर्दू भाषी विद्यार्थियों के लिए राज्य योजना के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन आज सदर अनुमंडल कार्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिकारी रौशन कुशवाहा ने की। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा मदरसों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने “उर्दू बिहार की दूसरी राजभाषा” विषय पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए, जिससे सभागार में बौद्धिक माहौल बना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अधिकारी रौशन कुशवाहा ने कहा कि उर्दू बिहार की दूसरी राजभाषा के रूप में न केवल संवैधानिक मान्यता रखती है, बल्कि यह राज्य की गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान भी है। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा साहित्य, संस्कृति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम रही है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली कड़ी है। उर्दू के संरक्षण और संवर्धन के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा उर्दू भाषा के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को इस भाषा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों के व्यक्तित्व विकास, तर्क शक्ति और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने में सहायक होती हैं। उप निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण रजनीश कुमार राय ने बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक एवं मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजनाएं शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। रजनीश कुमार राय ने आगे कहा कि हुनर विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने मदरसा आधुनिकीकरण, कोचिंग योजनाओं तथा तकनीकी शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर अल्पसंख्यक समुदाय के युवा अपने भविष्य को संवार सकते हैं। उन्होंने उपस्थित छात्रों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना है, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

सदर अनुमंडल अधिकारी दिलीप कुमार, ज़िला आपूर्ती अधिकारी अली एकराम, भूमिसिधार उप समाहर्ता ऋषव राज और उर्दू परामर्शदात्री तकी अख्तर  प्रभारी पदाधिकारी ज़िला उर्दू भाषा कोषांग मो खालिद अनवर जिलानी ने भी उर्दू भाषा के बारे में विस्तार से सम्बोधन किया। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण रजनीश कुमार राय ने सभी अधिकारियों को मिथिला रीति के अनुसार शाल और पौधा दे कर सम्मानित किया। वाद विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में आर एन आर कॉलेज के प्रोफेसर जियाउलहक, शिक्षाविद डॉक्टर बिस्मिल आरिफ और उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर बघौनी पूर्वी बालक के उर्दू शिक्षक सरफराज़ फाजिलपुरी शामिल रहे।

मैट्रिक में प्रथम स्थान सी एच हाई स्कूल दलसिंहसराय की खदीजा मरियम, दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से होमैरा जमाल, चाहत प्रवीण और तरन्नुम परवीन रही। तृतीया स्थान एलिजा परवीन, मोबाशरा मुख़्तार अलीशा परवीन और मुस्कान खातून ने संयुक्त रूप से हासिल किया। इंटरमीडिएट में नूर फात्मा प्रथम रही वहीं साबरा खातून, मोहम्मद सादिक रज़ा और मोहम्मद एहसान अख्तर दूसरे और खैरून निशा , समरिन फ़िरदौस, नाजिया परवीन और रजिया सुल्तान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्नातक स्तर में अदनान अंजर प्रथम, बादशाह जफर मो आज़ाद आलम और मो असदुल्ला ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर मो नासिर, मो अबसार, मो हब्बान और जेबा प्रवीण रहीं।

इस अवसर पर तारिकउजमा, डॉक्टर वसिया इरफाना, सहायन उर्दू अनुवादक मो आलमगीर, उर्दू अनुवादक साजिया तकमीन, रफ़त सुल्ताना, मो असदुल्ला मौजूद रहे। प्रभारी पदाधिकारी ज़िला उर्दू भाषा कोषांग मो खालिद अनवर जिलानी के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ। संचालन आलम सिद्दीकी के द्वारा किया गया।

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