जमुई उत्पीड़न मामला: नाबालिग को जबरदस्ती पकड़ने वाले दो मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

Lok Bimb
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जमुई : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ मारपीट एवं यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश के दौरान हुई मुठभेड़ में नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस से बचकर भागने के दौरान हरेराम यादव का पैर टूट गया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुल सात से आठ आरोपी शामिल हो सकते हैं। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा था।
पुलिस का कहना है कि नंदन यादव घटना के वीडियो में छात्रा के साथ सबसे आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के बाद से वह फरार था और घटनास्थल के पास मड़वा पहाड़ी पर छिपा हुआ था। मंगलवार को पुलिस को उसके वहां मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की।
पुलिस के अनुसार, जवानों ने नंदन को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया और उसे रोकने के लिए गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया। इसी दौरान हरेराम यादव भी पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में घायल हो गया और उसका पैर टूट गया।
पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान लाल गमछा ओढ़े दिखाई देने वाला युवक नंदन यादव है। आरोप है कि उसने नाबालिग छात्रा को गोद में उठाया और उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की। पुलिस अब घटना के वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच है, जबकि मामले में तीन नाबालिग आरोपियों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार 19 सितंबर की शाम कक्षा 10 का एक छात्र अपनी महिला मित्र के साथ जमुई के एक पहाड़ी पर्यटन स्थल से स्कूटर पर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ युवकों ने उनका पीछा किया और रास्ते में स्कूटर रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने दोनों को गालियां दीं और स्कूटर से उतरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया, जबकि छात्र के साथ मारपीट की गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की गई।
जमुई पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों के साथ-साथ नाबालिग छात्रा का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, वीडियो को प्रसारित कर पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में करीब 120 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने के आरोप में रामाशीष चौधरी नामक एक युवक को भी हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को आगे प्रसारित या साझा न करें। पुलिस ने कहा है कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ घटना के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

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