हेमन्त अहीर
रांची। रामटहल चौधरी महाविद्यालय, दड़दाग, ओरमांझी में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की ओर से आयोजित अखरा क्लास के तीसरे सप्ताह में विद्यार्थियों को अंगनई एवं करम लोकगीतों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को झारखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से जोड़ना था।
लोक गायिका जानकी देवी ने विद्यार्थियों को लोकगीतों की गायन शैली और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकगीतों में झारखंड की परंपरा, प्रकृति, कृषि, प्रेम और सामुदायिक जीवन की भावनाएं समाहित हैं। लोक वादक एवं नर्तक दीनबंधु ठाकुर ने गीतों के साथ ताल, लय और पारंपरिक नृत्य का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भीम महतो ने कहा कि अखरा क्लास विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान के साथ अपनी लोक कला और परंपराओं की जानकारी भी जरूरी है।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक पप्पू कुमार महतो एवं टिकेश्वर चौधरी की सक्रिय भूमिका रही। प्रेमनाथ मुंडा ने सहयोग किया। बांसुरी वादक प्रीतम महतो और मांदर वादक राम बिहारी महतो की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। गायत्री, पूजा, कंचन, सुदेश, माया सहित सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विभाग ने बताया कि अखरा क्लास के आगामी सत्रों में भी झारखंड के लोकगीत, लोकनृत्य और लोकवाद्यों का प्रशिक्षण जारी रहेगा।


