– हेमन्त अहीर
रांची : जेपीएससी – जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक अहम वार्ता हुई। हालांकि यह बैठक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए आंदोलन पूर्ववत जारी रहेगा और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव हर हाल में किया जाएगा।
बैठक शाम 7:45 बजे शुरू हुई और करीब 9:25 बजे समाप्त हुई। सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा, संजय यादव तथा अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह वार्ता में शामिल हुए। वहीं छात्रों की ओर से रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार ने प्रतिनिधित्व किया।
बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनका मांग-पत्र स्वीकार कर लिया है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस निर्णय या समय-सीमा नहीं दी गई। उनका आरोप था कि सरकार को उनकी वास्तविक मांगों की पूरी जानकारी भी नहीं थी। वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मांग-पत्र के प्रत्येक बिंदु को विस्तार से रखा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग दोहराई।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ यह पहली औपचारिक बैठक थी और बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि अब सबकी निगाह सरकार के अगले कदम पर रहेगी। साथ ही उन्होंने झारखंड के युवाओं और अभ्यर्थियों से 10 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
वहीं सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वार्ता को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताते हुए कहा कि छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है। सरकार इन मांगों पर विस्तृत विचार कर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की चिंताओं और सुझावों की अनदेखी नहीं होगी।
बैठक को लेकर स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दोनों प्रतिनिधिमंडलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। छात्र आंदोलन के 14वें दिन हुई इस वार्ता को गतिरोध समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा था, लेकिन फिलहाल कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
अब आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव 10 अगस्त का विधानसभा घेराव होगा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक रूप से जारी रहेगा।


