टेक बिहार’ की ओर बढ़ते कदम: वैश्विक कंपनियों ने निवेश और साझेदारी पर जताया भरोसा
गोपाल विद्यार्थी
पटना / हैदराबाद :- बिहार सरकार का सूचना प्रावैधिकी विभाग राज्य को देश के अग्रणी डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026’ के अंतर्गत हैदराबाद में देश एवं विश्व की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर लीडर्स, स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक व्यावसायिक बैठकों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में निवेश आकर्षित करना, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना तथा राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना रहा। मौके पर बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इस इंडस्ट्री मीट का लक्ष्य राज्य को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्लोबल कपैबिलीटी सेंटर्स का अगला प्रमुख गंतव्य बनाना है। उन्होंने कहा कि बिहार में आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। आगे श्री मिश्रा ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बिहार में निवेश एवं विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा आधुनिक और उद्योग-अनुकूल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उद्योग, इनोवेशन और युवा प्रतिभा को समान अवसर मिल सकें। श्री मिश्रा ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा आधुनिक औद्योगिक एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य को आईटी एवं आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीपटेक तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने विभिन्न वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स कीं। इस दौरान विप्रो के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठकों के दौरान सचिव ने बिहार आईटी पॉलिसी 2024 एवं बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2026 का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों, उद्योग-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन तथा पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार आज तेजी से ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां उद्योगों को अनुकूल वातावरण, विशाल युवा प्रतिभा और सरकार की स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता निवेश के नए अवसर प्रदान कर रही है। इन बैठकों में बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना, आईटी पार्कों का विकास, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान एवं नवाचार तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश एवं सहयोग पर गंभीर चर्चा हुई। बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डिजिटल निवेश का तेजी से उभरता राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है।


