पटना में ग्रे कैप्स द्वारा आयोजित एडुकेटर्स मीट 2026 में जुटे दर्जनों शिक्षाविद

Lok Bimb
3 Min Read

प्रशासनिक कार्यों के साथ साथ अकादमिक मेंटर की भूमिका निभाएं प्राचार्य :- डॉ सुब्रमण्यम 

शिक्षा में नवाचार को दिए टिप्स, तकनीक व बदलाव पर जोर

गोपाल विद्यार्थी

पटना : शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी के लिए तैयार करना या अंक प्राप्त करना ही नहीं है। शिक्षा से संज्ञानात्मक, भावनात्मक, व्यावहारिक, सामाजिक, संवादात्मक और आध्यात्मिक क्षमताएं विकसित होनी चाहिए। ज्ञान महत्वपूर्ण है, लेकिन आप केवल ज्ञान का उपयोग नहीं कर सकते, इसलिए कौशल सीखना महत्वपूर्ण है। कौशल के साथ-साथ, आपको एक टीम प्लेयर भी बनना होगा क्योंकि आधुनिक समाज में आप अकेले और स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकते, इसलिए सामाजिक विकास आवश्यक है। उक्त बातें ग्रे कैप्स द्वारा पटना के एक होटल में शुक्रवार को आयोजित एडुकेटर्स मीट 2026 में जिले के विभिन्न विद्यालयों के दर्जनों प्राचार्यों को संबोधित करते हुए सीबीएसई के पूर्व एकेडमिक  डायरेक्टर जी. बाला सुब्रमण्यम ने कही | मौके पर उन्होंने मौजूद प्राचार्यों को भविष्य के स्कूलों (फ्यूचर -रेडी स्कूल्स) के निर्माण के लिए शिक्षण शैली, तकनीक और बदलाव पर जोर देने के खास सुझाव दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक आप बच्चों से पूछने वाले सवाल नहीं बदलेंगे, तब तक वे गहराई से सोचना नहीं सीखेंगे। हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई ) और आधुनिक तकनीक के इस दौर में औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा के अंतर को समझना होगा। स्कूलों को पढ़ाई में कौशल (स्किल्स), गति (स्पीड) और दायरे (स्केल) की चुनौतियों पर काम करना होगा। आगे उन्होंने कहा कि शिक्षा को तनावमुक्त और अनुभवात्मक बनाना जरूरी है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने स्कूलों को केवल उत्तरजीविता और कंज्यूमरिज्म या चूहे की दौड़  वाली मानसिकता से बाहर निकलने की सलाह देते हुए पाठ्यक्रम में डिजिटल साक्षरता, कौशल-आधारित शिक्षा और तार्किक सोच को प्राथमिकता देने की बात कही । वहीं उन्होंने प्राचार्यों को केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित न रहकर एक अकादमिक मेंटर की भूमिका निभाने तथा कक्षाओं में केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और रचनात्मकता पर जोर दिए जाने के लिए प्रेरित किया। मौके पर रिसोर्स पर्सन
सुजीत ने भी एआई के जरिए शिक्षण को अधिक प्रभावी, तनावमुक्त और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आयोजित कार्यशाला का संचालन ग्रे कैप्स की स्नेहा दा ने व धन्यवाद ज्ञापन चंद्रशेखर ने किया | मौके पर जिले के जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ मधुकर झा, रेडिएंट इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्या  मनीषा प्रभाकर, शिक्षाविद विष्णु कुमार, गोपाल विद्यार्थी, अर्जुन कुशवाहा, मौसमी मोहापात्रा, अरविंद कुमार, रंजन झा, अंजन झा, रेमंत झा, अविनाश मिश्रा व शिशिर कुमार राहुल, ग्रे कैप्स के निश्चय कुमार घोष समेत दर्जनों विद्यालयों के प्राचार्य, निदेशक व ग्रे कैप्स टीम के सभी सदस्य मौजूद रहे |

Share This Article
Leave a Comment