झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे लगभग 40-50 हजार छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव किया। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी कई बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस की चौथी बैरिकेडिंग को भी पार करते हुए विधानसभा से करीब 100 मीटर की दूरी तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। लेकिन छात्रों ने पानी की बौछार में नाचने का काम किया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया।

प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की भी सूचना है। इसमें एक पुलिसकर्मी के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं, कई जगह छात्रों ने बैरिकेडिंग को खींचकर हटा दिया और विधानसभा की ओर आगे बढ़ते रहे।
वैकल्पिक रास्तों से विधानसभा की ओर बढ़े छात्र :
मुख्य रास्तों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कई छात्र खेतों के मेड़ से और टुंगरी रास्तों से आगे बढ़े। कुछ प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर तक भी पहुंच गए। प्रशासन ने छात्रों से विधानसभा की ओर आगे नहीं बढ़ने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने भी लगातार छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी असामाजिक तत्व के प्रदर्शन में शामिल होने की स्थिति में इसकी सूचना तुरंत प्रतिनिधिमंडल को देने की अपील की गई।
जयराम महतो ने भी छात्रों से की शांति की अपील :
धरने पर बैठे जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो भी छात्रों के साथ विधानसभा के पास पहुंचे। उन्होंने छात्रों से वहीं धरना देने और विधानसभा के गेट के पास नहीं जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और किसी तरह की हिंसा से बचें।
स्पाइडरमैन और वनमानुष के रूप में पहुंचे छात्र :
विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों का अलग अंदाज भी देखने को मिला। कुछ छात्र स्पाइडरमैन और वनमानुष का रूप धारण कर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे पोस्टर थे। वहीं, एक प्रदर्शनकारियों में फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की झलक भी देखने को मिली। इसके अलावा एक साधु जो उत्तर प्रदेश से और एक मौलवी जो दिल्ली से तथा एक बुद्ध जो महाराष्ट्र से पहुंचे।
स्ट्रेचर में पहुंचा देवेंद्रनाथ महतो :
लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी स्ट्रेचर में बैठकर धरना स्थल पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी से प्रदर्शनकारी छात्रों में उत्साह देखने को मिला।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है और यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा, “युवा शब्द का उल्टा वायु होता है और वायु को कोई नहीं रोक सकता।”
उन्होंने कहा कि नौ दिनों की भूख हड़ताल के बावजूद वह एंबुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे विधानसभा मार्च में पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल को उन्होंने निंदनीय बताया।
विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज :
विधानसभा घेराव के दौरान मुख्य गेट के पास बैठकर नारेबाजी कर रहे छात्रों पर पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्रों को वहां से हटाया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लाठीचार्ज में कई छात्रों के सिर में चोट लगी, जबकि कुछ की उंगलियां टूट गईं। घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की कार्रवाई की टाइगर जयराम महतो और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ी निंदा की और छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर सरकार से जवाब मांगा।


