– जाति-धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आंदोलन में जुटे ग्रामीण, डीएम से स्थल निरीक्षण की मांग
हसपुरा / औरंगाबाद : हसपुरा शहर के पुरानी थाना रोड की जर्जर सड़क और हमेशा जलजमाव की समस्या को लेकर क्षेत्र के युवाओं नें अब निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है।सड़क व नाला निर्माण की मांग को लेकर आगामी 29 अगस्त को महाधरना-प्रदर्शन किया जाएगा।आंदोलन को सफल बनाने के लिए युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर हजारों लोगों को जोड़ा जा रहा है।इसी क्रम में रविवार की रात आंदोलन की रणनीति को लेकर युवाओं के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई।बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों नें भाग लिया। लोगों नें जाति,धर्म और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।बैठक में ग्रामीणों नें हस्ताक्षर अभियान चलाकर अधिकारियों के नाम आवेदन तैयार किया।इसमें सड़क की जर्जर स्थिति और जलजमाव से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी दी गई है।आवेदन बीडीओ,विधायक,सांसद, डीएम,मुख्यमंत्री सहित संबन्धित अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।आंदोलन की जानकारी आसपास के गांवों तक पहुंचाने के लिए जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगाने की तैयारी भी की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जलजमाव के कारण स्थिति नारकीय बनी हुई है।गंदे पानी से होकर लोगों को प्रतिदिन आवागमन करना पड़ता है। कई बार स्कूली बच्चे पानी में गिर जाते हैं,जबकि साईकिल, मोटरसाईकिल और टेंपो के पलटने की घटनाएं भी होती रहती हैं।ग्रामीणों नें बताया कि सड़क के जमा गंदे पानी में सूअरों के लोटने से संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
– शिक्षण संस्थानों नें भी बढ़ाया सहयोग
–
इस आंदोलन को कई शिक्षण संस्थानों का भी समर्थन मिला है।ग्रैंड वैली स्कूल, एनएसएसटी स्कूल,दक्ष पब्लिक स्कूल,नेशनल एकेडमी स्कूल और विभिन्न कोचिंग संस्थानों नें अपने लेटरपैड पर आवेदन लिखकर संबंधित पदाधिकारियों को सड़क की स्थिति से अवगत कराने का प्रयास किया है।
बैठक में ग्रामीणों नें मांग रखते हुये कहा कि 29 अगस्त को प्रस्तावित महाधरना में औरंगाबाद डीएम स्वयं हसपुरा पहुंचकर सड़क और नाला की स्थिति का स्थल निरीक्षण करें। बताया गया कि यह सड़क हसपुरा की प्रमुख सड़कों में शामिल है।इसी मार्ग से मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थल अमझर शरीफ और हिंदू धर्म के प्रसिद्ध देवकुंड धाम के लिए लोग आवागमन करते हैं।इसके अलावा प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी स्कूल और कोचिंग संस्थानों में आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार,करीब 20 वर्षों से सड़क की स्थिति जर्जर बनी हुई है।उनका आरोप है कि इस दौरान विभिन्न दलों के विधायक और सांसद चुने गयें,समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका और अभी तक सिर्फ आश्वासन हीं मिलता रहा।
बैठक में ग्रामीणों नें स्पष्ट चेतावनी दी कि अब सड़क और नाला निर्माण का कार्य शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।युवाओं नें कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के खिलाफ आंदोलन नहीं, बल्कि हसपुरा की बुनियादी सुविधा और आम लोगों के सुरक्षित आवागमन की मांग को लेकर जनआंदोलन है।


