60 स्कूलों के विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक के मॉडल से दिखाई प्रतिभा
हेमन्त अहीर
रांची। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, रांची में सोमवार को 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। प्रदर्शनी का विषय “विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (एसटीईएम)” रखा गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक नीलम आईलीन टोप्पो, एनसीईआरटी के प्रतिनिधि प्रो. रामावतार मीना, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह राज्य नोडल पदाधिकारी मो. वसीम अहमद सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे।
60 स्कूलों के विद्यार्थियों ने दिखाए मॉडल
प्रदर्शनी में राज्य के विभिन्न जिलों के करीब 60 सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े कई मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के जरिए बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नए प्रयोगों का प्रदर्शन किया।
अतिथियों और निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के मॉडल और परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने और रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान विज्ञान एवं तकनीक के माध्यम से खोजने के लिए प्रेरित किया गया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी
प्रदर्शनी के विभिन्न उप-विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों में रोशन प्रसाद कुशवाहा, कस्तुभ कुमार, आयुष मेहता, अल्तमश राजा, जेली रानी, सृष्टि कुमारी, वंश कुमार, राजेश कुमार, संगीता कुमारी और छकान देव प्रजापति शामिल रहे।
द्वितीय स्थान सुमित कुमार, गोविंदा कुमार, आरती कुमारी, बजरंग भुइन्या, नेहा कुमारी, विवेक साहु और विशाल बारा ने प्राप्त किया। वहीं तृतीय स्थान आर्यन राज, रोनित राज, पिंशु कुमार, ज्योति कुमारी, अजय कुमार और विकी ठाकुर ने हासिल किया। चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रयोग से सीखते हैं बच्चे : राजेश प्रसाद
मुख्य अतिथि राजेश प्रसाद ने विद्यार्थियों के वैज्ञानिक मॉडल और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी से बच्चों में जिज्ञासा, प्रयोग करने की आदत, तार्किक सोच और समस्या का समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है। वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से बच्चे व्यावहारिक रूप से सीखते हैं और आगे चलकर आविष्कारक बन सकते हैं।
मौके पर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी अमृता सिंह, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश और जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम मो. वसीम अहमद की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉ. दिलीप रवानी कार्यक्रम समन्वयक रहे। मंच संचालन कविता महतो और जया कुमारी ने किया। व्यवस्थापक के रूप में राजेश कुमार साहू, कार्तिक भगत, अभिषेक कुमार सिंह और पवन कुमार पाढ़ी ने जिम्मेदारी संभाली।
मूल्यांकनकर्ता के रूप में मदन मोहन तिवारी, सुनीता सिंह, पूनम कुमारी और पंकज कुमार ने योगदान दिया, जबकि रब्बानी अंसारी ने मीडिया समन्वयक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में परमेश्वर महतो, यास्मीन ग्लेरिया, मंजुला एक्का, शंकर झा, अनिल कुमार सिंह, रबिन्द्र कुमार, राकेश कुमार सिन्हा, अपूर्व विशाल तिर्की, प्रीति वसुंधरा, प्रीति कुमारी, अंकित उरांव, अंशिका कुमारी, जीतेन्द्र सिंह, निर्मल महतो, रोहित कुमार महतो, समीर शीतल मिंज, सुप्रिया दास, सुमीत कुमार, विवेक उपाध्याय और सुमित कच्छप समेत क्रियान्वयन समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।


