फातेह आलम तालझारी
मंडरो : करम महोत्सव के अवसर पर मंगलवार को मंडरो स्थित फॉसिल पार्क परिसर के करम अखाड़ा एवं बरहेट प्रखंड के जसाईडीह गांव में करम महोत्सव सह वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पारंपरिक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के बीच संबंध को मजबूत करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
फॉसिल पार्क, मंडरो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करम अखाड़ा परिसर में करम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। वहीं धनबासा ग्राम के प्रधान को करम महोत्सव के अवसर पर करम के पौधे के साथ विभिन्न फलदार पौधे भी निःशुल्क वितरित किए गए। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ फलदार पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का नेतृत्व उप वन परिसर पदाधिकारी अंकित झा ने किया। उन्होंने लोगों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण भी जरूरी है। इसी क्रम में बरहेट प्रखंड के जसाईडीह गांव में भी करम महोत्सव सह वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उप वन परिसर पदाधिकारी अमित कुमार एवं सुनील कुमार ने किया। इस दौरान करम समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को पौधों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान करम पर्व की पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। करम पर्व झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रकृति उपासना से जुड़ा प्रमुख पर्व है, जो मानव और प्रकृति के बीच गहरे संबंध तथा सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। दोनों स्थानों पर वनकर्मियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


