पटना : बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को ‘नो बैग डे’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन छात्र-छात्राओं को नियमित पाठ्यपुस्तक आधारित पढ़ाई के बजाय संगीत, नाटक, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के अनुसार अब शनिवार को सभी सरकारी विद्यालय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित होंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालयों का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शनिवार को विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा से अलग रचनात्मक और कौशल आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कला एवं संगीत में दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि बच्चों की प्रतिभा को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शनिवार को निर्धारित गतिविधियां दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगी। इसके बाद 12:00 बजे से 12:40 बजे तक मध्याह्न भोजन कराया जाएगा और भोजन के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी। वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक एवं अन्य निर्धारित गतिविधियां दोपहर 1:00 बजे तक संचालित होंगी, जिसके बाद विद्यार्थियों को अवकाश दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षक-शिक्षिकाएं नियमित कक्षाओं के बाद प्रतिदिन एक घंटे तक अगले दिन और अगले सप्ताह की पाठ योजना तैयार करने, मूल्यांकन कार्य, शिक्षक डायरी अद्यतन करने, गृहकार्य की जांच, प्रयोगशाला प्रबंधन तथा आवश्यकता अनुसार रिमेडियल कक्षाओं का संचालन करेंगे। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ही उन्हें विद्यालय से प्रस्थान करने की अनुमति होगी। विभाग ने कहा कि समय-सारणी से जुड़े अन्य सभी प्रावधान पूर्ववत लागू रहेंगे।


