मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और बागवानी से आय बढ़ाने पर जोर, कृषि विशेषज्ञों ने समस्याओं का किया समाधान
फातेह आलम तालझारी
साहिबगंज :- आत्मा योजना के अंतर्गत आत्मा सभागार, साहिबगंज में गुरुवार को महिला किसान दिवस, 2026 के अवसर पर किसान-वैज्ञानिक अंतरमिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कृषि पदाधिकारी वरुण कुमार एवं कृषि विज्ञान केंद्र, साहिबगंज के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डॉ. संजीव कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचीं महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती और आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।
मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन अपनाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा केला, पपीता और ओल जैसी बागवानी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। वैज्ञानिकों ने कहा कि इन गतिविधियों को अपनाकर महिला किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। साथ ही रबी मौसम में दलहनी एवं तिलहनी फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम सल्फर का उपयोग फसलों के उत्पादन और मिट्टी की गुणवत्ता के लिए लाभकारी हो सकता है। महिला वैज्ञानिक डॉ. सुप्रिया सिंह ने रबी फसलों में लगने वाले कीटों एवं बीमारियों से बचाव के लिए समेकित कीट एवं व्याधि प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित प्रबंधन अपनाने पर जोर दिया।
कृषि योजनाओं के लाभों से कराया अवगत
जिला कृषि पदाधिकारी वरुण कुमार ने कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना (पीडीएमसी), बिरसा फसल विस्तार योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा किसान समृद्धि योजना के उद्देश्यों और लाभों के बारे में बताया। उन्होंने महिला किसानों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने की अपील की।
वहीं, जिला उद्यान पदाधिकारी रवि कान्त रजक ने माली प्रशिक्षण के महत्व और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने पपीता, ओल सहित अन्य बागवानी फसलों की खेती के तरीके बताते हुए किसानों को उद्यानिकी गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रगतिशील महिला किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में प्रगतिशील महिला किसानों ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुभवों के माध्यम से अन्य महिला किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विभिन्न प्रखंडों से आई महिला किसानों ने खेती-किसानी, फसलों में लगने वाले रोगों तथा उन्नत बीजों की उपलब्धता से संबंधित सवाल पूछे और अपनी समस्याएं रखीं। कृषि विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया। प्रतियोगिता में सही उत्तर देने वाली महिला किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना था।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डॉ. संजीव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी वरुण कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी रवि कान्त रजक, जिला कृषि अभियंता रंजन कुमार निराला, आत्मा के उप-परियोजना निदेशक मंटु कुमार, जेएसएलपीएस के अनिरुद्ध कुमार, निर्देश की नैन्सी गुप्ता सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिला किसान उपस्थित थीं।


