पानी दूषित होने की आशंका पर 80 से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
फातेह आलम तालझारी
तालझारी : तालझारी प्रखंड अंतर्गत सिमलजुड़ी गांव स्थित डेम में बतख पालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। डेम के पानी में गंदगी फैलने की आशंका को लेकर आसपास के छह गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर बतख पालन का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में भारत दिशोम आदिवासी संघ के साहिबगंज जिलाध्यक्ष मुकेश सोरेन ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया है। मुकेश सोरेन ने कहा कि ग्रामीणों की चिंता जायज है। डेम का पानी ग्रामीण नहाने-धोने सहित कई घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यदि बतख पालन के कारण पानी दूषित होता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि डेम सार्वजनिक उपयोग का जलस्रोत है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। बतख पालन के विरोध में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है। इस अभियान में 80 से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और डेम के पानी को स्वच्छ बनाए रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि डेम के पानी का उपयोग कई जरूरी कार्यों में किया जाता है। इसलिए जलस्रोत की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की पहल पर टिकी है।


