दिल्ली मेट्रो ने 2025 में तोड़ डाले सारे रिकॉर्ड, 235 करोड़ से ज्यादा की राइडरशिप से दूसरे शहरों को छोड़ा पीछे

Lok Bimb
5 Min Read

Delhi Metro: 2025 में दिल्ली मेट्रो ने बनाया 235.80 करोड़ राइडरशिप का रेकॉर्ड। दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क भी बन चुका है। डीएमआरसी ने रोजाना औसतन 64.60 लाख राइडरशिप दर्ज की है।

नई दिल्ली : 2025 में दिल्ली मेट्रो ने 235.80 करोड़ राइडरशिप का रिकॉर्ड बनाया है। जो पिछले साल की राइडरशिप की तुलना में लगभग 12 करोड़ ज्यादा है। दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में भी लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले रविवार (8 मार्च) को पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन पर एक-एक नए सेक्शन की शुरुआत से मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और मजबूत हुआ है। डीएमआरसी के अनुसार भारत में अब 26 शहरों में कुल 1,143 किलोमीटर से अधिक लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिससे रोजाना करीब 1.15 करोड़ यात्राएं की जाती हैं। इनमें से 55 प्रतिशत से ज्यादा यात्राएं अकेले दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर होती हैं।

दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर चल रहीं 343 ट्रेनें

दरअसल, देश के कुल मेट्रो नेटवर्क में दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी लगभग 416 किलोमीटर की है। जिसमें 303 स्टेशन शामिल हैं। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की करीब 29 किलोमीटर लंबी लाइन और रैपिड मेट्रो गुरुग्राम की लगभग 13 किलोमीटर लंबी लाइन भी शामिल है, जो दिल्ली को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम जैसे प्रमुख एनसीआर के शहरों से जोड़ती है। दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर फिलहाल 343 ट्रेनें (2368 कोच) चल रही है। रोजाना करीब 4,508 ट्रेन ट्रिप होती हैं।

दिल्ली मेट्रो से जुड़े अहम फैक्ट्स

  • ट्रेनें रोजाना लगभग 1,40,112 ट्रेन किलोमीटर का सफर तय करती है।
  • समय की पाबंदी के मामले में भी दिल्ली मेट्रो का प्रदर्शन बेहद बेहतर है।
  • इसकी 235.80 करोड़ राइडरशिप पंक्चुअलिटी लगभग 99.9 प्रतिशत हैं
  • ये इसे दुनिया के सबसे भरोसेमंद मेट्रो सिस्टमों में शामिल करता है।
  • DMRC ने रोजाना औसतन 64.60 लाख राइडरशिप दर्ज की
  • 2024 की तुलना में 2025 में 12 करोड़ ज्यादा राइडरशिप
  • औसतन हर महीने एक करोड़ पैसेंजरों का हुआ इजाफा

कोविड के दौरान यात्रियों की संख्या में आई थी गिरावट

कोविड के दौरान 2020 से 2022 के बीच आई गिरावट के बाद यात्रियों की संख्या में फिर से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024 में 223.5 करोड़ यात्राएं अगस्त 2025 को यह आंकड़ा बढ़कर दर्ज हुईं। यानी रोजाना औसतन 62.39 लाख यात्राएं हुईं। वहीं, 2025 में यह संख्या बढ़कर 235.8 करोड़ हो गई, जो रोजाना औसतन 64.60 लाख यात्राओं के बराबर है। यानी 2024 की तुलना में 2025 में राइडरशिप 12,30,00,000 ज्यादा है।

मेट्रो सफर में लगातार बन रहे नए-नए रिकॉर्ड

इसका मतलब है कि पिछले साल की तुलना में औसतन हर महीने एक करोड़ यात्राओं का इजाफा हुआ है। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों में कई बार एक दिन में यात्रा का नया रिकॉर्ड बना। 18 नवंबर 2024 को 78,67,649 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया था। इसके बाद 8 अगस्त 2025 को यह आंकड़ा बढ़कर 81,87, 674 यात्रियों तक पहुंच गया, जो
अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क है दिल्ली मेट्रो

दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क भी बन चुका है। ड्राइवरलेस संचालन पिंक लाइन (मजलिस पार्क से मौजपुर – बाबरपुर और शिव विहार तक लगभग 71.55 किमी) और मैजेंटा लाइन (कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से बॉटेनिकल गार्डन और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक, लगभग 49.19 किमी) पर उपलब्ध है। इन दोनों लाइनों के लिए डीएमआरसी के पास कुल 80 ड्राइवरलेस ट्रेनें हैं, जो आधुनिक ऑटोमेशन तकनीक का उदाहरण हैं।

भविष्य पर खास जोर, जानें क्या है प्लान

  • मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए फेज-4 के प्राथमिक कॉरिडोर पर निर्माण जारी है।
  • भविष्य की जरूरतों को देखते हुए डीएमआरसी 52 नई ट्रेनें खरीद रहा है, जिनमें से 18 ट्रेनें पहले ही मिल चुकी है।
  • डीएमआरसी के अनुसार दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली- एनसीआर में शहरी परिवहन की तस्वीर बदल दी है।
  • इससे यात्रा का समय कम हुआ है, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटा है।
  • पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिला है।
Share This Article
Leave a Comment