ईचागढ़: ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह 2 पंचायत अंतर्गत चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि चिपड़ी हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर तक साइकिल हाथ में लेकर या उतरकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों और ग्रामीणों को बाजार तक सब्जियां पहुंचाने में भी भारी परेशानी होती है और कई बार सामान को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को खाट पर लिटाकर लगभग दो किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही अस्पताल पहुंचाना संभव हो पाता है।
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है।
इस दौरान जगदीश सिंह मुंडा, जगदीश महतो, सुग्रीव भगत, डीसी महतो, राजकिशोर महतो, नरेश महतो, विष्णु महतो, शिवचरण महतो तथा वरुण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने अविलंब सड़क निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर

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