सोनू कुमार सिंह
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज मोरहाबादी स्थित आवास पर झारखंड आंदोलन के महानायक, पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर दिशोम गुरु की धर्मपत्नी श्रीमती रूपी सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी स्वर्गीय शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन, योगदान और आदर्शों को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना पूरा जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। आज राज्य के कोने-कोने में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “झारखंड वीरों की भूमि है, जहां के लोगों ने हमेशा अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष किया है। इस संघर्ष में अनेक वीर सपूतों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम उन सभी वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।”
उन्होंने कहा कि बाबा आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और योगदान हमेशा अमर रहेगा। उन्होंने अपना जीवन झारखंड के मूलवासियों, आदिवासियों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु के सपनों को साकार करना और उनके आदर्शों के अनुरूप राज्य का सर्वांगीण विकास करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उनका त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा। झारखंड की पहचान, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा में उनका योगदान अविस्मरणीय है। जिस समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध झारखंड की उन्होंने कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


